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रैली में भारी जनसमूह देख गदगद हो गए अमित शाह! बंगाल चुनाव को लेकर कह दी बड़ी बात

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के ठाकुरनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि सूबे की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को सत्ता सौंपने का मन बना लिया है।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: February 11, 2021 19:29 IST
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Image Source : TWITTER.COM/AMITSHAH केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के ठाकुरनगर में एक रैली को संबोधित किया।

ठाकुरनगर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के ठाकुरनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि सूबे की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को सत्ता सौंपने का मन बना लिया है। रैली में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर गदगद शाह ने ट्वीट किया कि दीवार पर लिखी इबारत साफ नजर आ रही है। रैली में उन्होंने संशोधित नागरिकता कानून के मुद्दे पर विपक्ष को निशाने पर लिया। शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मातुआ समुदाय सहित CAA के तहत शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया एक बार कोविड-19 का टीकाकरण समाप्त होने के बाद शुरू हो जाएगी।

ठाकुरनगर में भीड़ देखकर गदगद हुए शाह

ठाकुरनगर रैली में उमड़ी भारी भीड़ की तस्वीर साझा करते हुए अमित शाह ने ट्वीट किया, ‘दीवार पर लिखी इबारत साफ नजर आ रही है। पश्चिम बंगाल की जनता प्रचंड बहुमत के साथ बीजेपी को चुनने के लिए तैयार है। ठाकुरनगर में हुई एक रैली की तस्वीरों पर नजर डालिए। #PoribortonInBengal’ रैली में शाह ने विपक्ष पर अल्पसंख्यक समुदाय को संशोधित नागरिकता कानून पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसे लागू किए जाने से भारतीय अल्पसंख्यकों की नागरिकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।


मोदी सरकार ने किया था कानून लाने का वादा
शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने 2018 में वादा किया था कि वह नया नागरिकता कानून लाएगी और 2019 में बीजेपी के सत्ता में आते ही वादे को पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा, ‘ममता दीदी ने कहा कि हमने गलत वादा किया। उन्होंने सीएए का विरोध करना शुरू कर दिया और कहती हैं कि वह इसे कभी लागू नहीं होने देंगी। बीजेपी अपने वादे हमेशा पूरे करती है। हम इस कानून को लेकर आए हैं और शरणार्थियों को नागरिकता मिलेगी।’

पूर्वी पाकिस्तान से आए थे मातुआ समुदाय के लोग
मातुआ समुदाय के गढ़ ठाकुरनगर में शाह ने कहा, ‘जैसे ही कोविड-19 के टीकाकरण की प्रक्रिया खत्म होती है सीएए के तहत नागरिकता देने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।’ मातुआ मूल रूप से पूर्वी पाकिस्तान के कमजोर तबके के हिंदू हैं जो बंटवारे के बाद और बांग्लादेश के निर्माण के बाद भारत आ गए थे। उनमें से कई को भारतीय नागरिकता मिल गई है लेकिन बड़ी आबादी को अभी तक नागरिकता नहीं मिली है। शाह ने कहा कि बनर्जी CAA को लागू करने का विरोध करने की स्थिति में नहीं होंगी क्योंकि विधानसभा चुनावों के बाद वह सीएम नहीं होंगी।

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