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ट्रंप की जेरुसलम को मान्यता ‘सदी का तमाचा’, हम भी मारेंगे 'जवाबी थप्पड़': फिलिस्तीनी राष्ट्रपति

फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जेरुसलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने और प्रस्तावित शांति समझौते को 'तमाचे' जैसा बताया...

Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published : Jan 15, 2018 08:12 pm IST, Updated : Jan 15, 2018 08:13 pm IST
Mahmoud Abbas and Donald Trump | AP Photo- India TV Hindi
Mahmoud Abbas and Donald Trump | AP Photo

रामल्लाह: फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जेरुसलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने और प्रस्तावित शांति समझौते को 'तमाचे' जैसा बताया। अब्बास ने फिलिस्तीनी लिबरेशन आर्गनाइजेशन (PLO) की केंद्रीय परिषद के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, ‘ट्रंप का शांति समझौता सदी का तमाचा है।’ उन्होंने साथ ही कहा कि 'हम भी जवाबी तमाचा मारेंगे'। केंद्रीय समिति की यहां इजरायल के साथ संबंध, शांति प्रक्रिया पर रणनीतिक निर्णय और पिछले वर्ष दिसंबर में ट्रंप के जेरुसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के निर्णय के खिलाफ चर्चा करने के लिए दो दिवसीय बैठक हो रही है। अब्बास ने कहा, ‘जेरुसलम का दर्जा मक्का जैसा है। जेरुसलम से महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है।’

फिलिस्तीन पूर्वी जेरुसलम को अपने स्वतंत्र देश की भविष्य की राजधानी के तौर पर मानता है, जिसे इजरायल ने 1967 के अरब-इजरायल युद्ध के दौरान अपने कब्जे में ले लिया था। इजरायल पूरे जेरुसलम को अपना अभिन्न अंग मानता है। अब्बास ने कहा, ‘हमारे भाग्य, हमारे भविष्य, हमारे कारण और हमारे लोगों के जो विरुद्ध होता है, उसे हम ना कहते हैं। नहीं और हजार बार नहीं और हम अब ट्रंप को ना और ना कहते हैं और हमने ट्रंप के शताब्दी समझौते को 'शताब्दी का तमाचा' कहा।’ उन्होंने जोर देते हुए कहा, ‘फिलिस्तीन भविष्य की गलतियों को नहीं करेगा या दोहराएगा। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण क्षण है, जो सभी फिलिस्तीनियों को तत्काल खड़ा होकर पवित्र राजधानी के भाग्य का बचाव करने के लिए कहता है।’

इस बीच, अब्बास ने इस्लामिक हमास आंदोलन और इस्लामिक जिहाद की PLO केंद्रीय परिषद की बैठक के बहिष्कार करने की आलोचना की। अब्बास ने कहा, ‘मैं इससे बहुत व्यथित हूं कि हमारे भाई अंतिम समय पर कहते हैं कि वे लोग इस बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे, क्योंकि बैठक की जगह सही नहीं है। उनकी आंखों में वह कौन-सी जगह है, जहां महत्वपूर्ण निर्णय स्वतंत्र रूप से लिए जा सकते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं इस्लामिक जिहाद पर आरोप नहीं लगा रहा हूं, क्योंकि वे लोग राजनीति का कार्य नहीं करते हैं, लेकिन मुझे हमास में मेरे भाइयों की चिंता होती है।’

वहीं, अब्बास द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति की आलोचना किए जाने के बाद इजरायल की तरफ से बेहद कड़ी प्रतिक्रिया आई है। उनके बयान पर जवाब देते हुए इजरायल के रक्षा मंत्री एविगडोर लिबरमैन ने सोमवार को कहा कि महमूद अब्बास ने ‘अपना मानसिक संतुलन खो दिया है।’ लिबरमैन ने इजरायली आर्मी रेडियो से कहा कि अब्बास के भाषण से प्रतीत होता है कि उन्होंने शांति वार्ता की संभावना छोड़ दी है और उसने इजरायल के साथ ही अमेरिका के साथ भी संघर्ष का विकल्प चुना है।

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