दोहा (कतर): इजरायल के साथ युद्ध में श्मशान में तब्दील हो चुके गाजा के खंडहरों में फिर से सभ्यताओं (आबादी) के फूल खिलाने की तैयारी है। इसके लिए अमेरिकी की मध्यस्थता में गाजा पुनर्वास योजना तैयार हो रही है। गाजा में फिर से बसाये जाने वाली बस्तियों की सुख-सुविधाओं की निगरानी एक अंतरराष्ट्रीय निकाय के हाथों में सौंपी जाएगी। ताकि गाजा में फिर से बच्चों कि खिलखलाहट, पशु-पक्षियों की आहट और फसलों की लहलहाहट दिखाई और सुनाई दे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे अध्यक्षता
गाजा पीस प्लान के तहत इसका संचालन अब अगले 2 साल तक अंतरराष्ट्रीय निकाय करेगा। इस निकाय के बारे में जल्द ऐलान किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस निकाय की निगरानी करेंगे। ट्रंप ही इस निकाय के अध्यक्ष होंगे। संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के तहत गाजा के पुनर्निर्माण को लेकर यह निकाय 2 साल तक देखरेख करेगा। इस निकाय में पश्चिमी एशिया और पश्चिमी देशों के एक दर्जन से अधिक अन्य नेताओं को भी शामिल किया जाएगा। जो गाजा वासियों की सुख-सुविधाओं और उनके भविष्य के विकास का पूरा ध्यान रखेंगे।
फिलिस्तीनियों की बनेगी एक समिति
गाजा पुनर्निर्माण योजना के तहत फिलिस्तीनियों की एक समिति का भी गठन किया जाएगा। युद्ध समाप्ति के बाद यह समिति गाजा के दैनिक प्रशासन के संचालन की कमान संभालेगी। इस महीने के अंत में शांति बोर्ड के नाम से गठित होने वाले अंतरराष्ट्रीय निकाय के साथ फिलिस्तीनी समिति की भी घोषणा हो जाने की उम्मीद है।
नेतान्याहू और ट्रंप की होगी एक और मुलाकात
गाजा शांति योजना को लेकर पुनर्वास कार्यक्रम शुरू करने पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक और मुलाकात होने वाली है। यह मुलाकात महीने के अंत से पहले होगी। इस दौरान गाजा पुनर्वास योजना पर आखिरी मुहर लगेगी। गाजा युद्ध विराम के बाद सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना और हमास को हथियारविहीन करना इसकी प्रमुख शर्तें हैं।
गाजा की सुरक्षा के लिए बनेगा सशस्त्र बल
गाजा से हमास को बेदखल करने उसे हथियार विहीन करने और गाजावासियों की सुरक्षा के मद्देनजर एक सशस्त्र सुरक्षा बल का गठन किया जाएगा। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण सुरक्षा बल होगा। जो गाजावासियों की सुरक्षा के साथ इलाके में शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होगा। यह गाजा पर दी गई ट्रंप की 20 सूत्री योजना के क्रियान्वयन का एक हिस्सा है। यह समझौता गत 10 अक्तूबर को हुआ था। गाजा में 2026 के पहले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी जाएगी। एक अरब अधिकारी ने कहा कि इस बल में किस-किस देश के सुरक्षाबल होंगे, यह अभी तय नहीं है। (भाषा)