Pakistan के अगले सेना प्रमुख की समय से पहले नियुक्ति में कोई हर्ज नहीं: आरिफ अल्वी

Pakistan News: राष्ट्रपति ने उन अटकलों को भी खारिज किया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ उनके संबंध मधुर नहीं हैं।

Malaika Imam Edited By: Malaika Imam
Updated on: July 27, 2022 0:02 IST
Pakistan President Arif Alvi- India TV Hindi News
Image Source : FILE PHOTO Pakistan President Arif Alvi

Highlights

  • देश में सेना के लिए कोई संवैधानिक भूमिका नहीं: अल्वी
  • PM शहबाज के साथ संबंध को लेकर अटकलों पर लगाया विराम
  • 'बातचीत तभी संभव है, जब सभी पक्ष इसके लिए राजी हों'

Pakistan News: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने मंगलवार को कहा कि सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल इस वर्ष के आखिर में समाप्त हो रहा है, ऐसे में अगले सेना प्रमुख की समय से पहले नियुक्ति करने में कोई नुकसान नहीं है। मीडिया में आई खबरों में यह जानकारी दी गई। 

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल बाजवा को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान नीत सरकार ने 2019 में सेवा विस्तार दिया था, जो 29 नवंबर को समाप्त हो रहा है। अल्वी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मेरे विचार में समय से पूर्व सेना प्रमुख की निुयक्ति करने में कोई नुकसान नहीं है।" 

'सेना के लिए कोई संवैधानिक भूमिका नहीं है'

पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने कहा, "देश में (राजनीतिक संकट के समाधान में) सेना के लिए कोई संवैधानिक भूमिका नहीं है।" राष्ट्रपति ने उन अटकलों को भी खारिज किया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ उनके संबंध मधुर नहीं हैं। अल्वी ने कहा कि यह कहना गलत है। देश में चल रहे राजनीतिक संकट पर उन्होंने कहा कि बातचीत तभी संभव है, जब सभी पक्ष इसके लिए राजी हों।

 प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को लगा बड़ा झटका 

इसके अलावा पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पंजाब विधानसभा के डिप्टी-स्पीकर के 10 मतों को खारिज करने के फैसले को असंवैधानिक करार दिया और पीएमएल-क्यू नेता चौधरी परवेज इलाही को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रांत का मुख्यमंत्री नामित किया। इस फैसले से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को बड़ा झटका लगा है। 

बहुमत हासिल करने के बावजूद शुक्रवार को चुनाव हारने वाले परवेज इलाही ने डिप्टी स्पीकर दोस्त मजारी के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें प्रधानमंत्री शरीफ के बेटे हमजा को विजयी घोषित किया गया था। मामले की सुनवाई करने वाले प्रधान न्यायाधीश उमर अता बंदियाल, न्यायमूर्ति इजाजुल अहसन और न्यायमूर्ति मुनीब अख्तर की पीठ ने फैसला सुनाया कि परवेज इलाही पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री हैं। 

परवेज इलाही को CM पद की शपथ दिलाने का आदेश

चुनाव के दौरान, मजारी ने पार्टी अध्यक्ष चौधरी शुजात हुसैन द्वारा लिखे गए एक पत्र का हवाला देते हुए पीएमएल-क्यू के 10 विधायकों के मतों की गिनती के खिलाफ फैसला दिया था, जो इलाही के पक्ष में थे। अदालत ने पंजाब के गवर्नर को मंगलवार रात 11:30 बजे से पहले परवेज इलाही को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने का भी आदेश दिया। अदालत ने व्यवस्था दी कि यदि गवर्नर इलाही को शपथ नहीं दिलाते हैं, तो राष्ट्रपति डॉ आरिफ अल्वी ऐसा कर सकते हैं। 

इससे पहले प्रधान न्यायाधीश बंदियाल ने कहा था कि फैसला शाम 5:45 बजे जारी किया जाएगा और बाद में इसके लिए शाम 7:30 बजे का समय रखा गया। हालांकि, तीन घंटे की देरी के बाद फैसला सुनाया गया। इलाही ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के उम्मीदवार हमजा शहबाज के 179 वोट के मुकाबले 186 वोट हासिल किए थे, लेकिन डिप्टी स्पीकर मजारी द्वारा पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद-ए-आजम (पीएमएल-क्यू) के विधायकों के 10 वोट खारिज किए जाने के बाद वह हार गए थे। मजारी के फैसले को इलाही ने चुनौती दी थी और अदालत ने शनिवार को हमजा को 'ट्रस्टी' मुख्यमंत्री बने रहने को कहा था।

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