Friday, January 23, 2026
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प्रेमिका ने मिलने के लिए बुलाया, हत्या कर पेट फाड़ा और प्राइवेट पार्ट काटकर पौधे से लटका लिया; अब 4 दोषियों को हुई उम्रकैद

रोहतास जिले में हुई एक जघन्य हत्या के मामले में पुलिस ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब सात साल पहले एक महिला ने युवक को मिलने के लिए बुलाया और फिर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव का पेट फाड़ा और फिर प्राइवेट पार्ट को भी काटकर सरसो के पौधे से लटका दिया था।

Edited By: Amar Deep @amardeepmau
Published : Jan 23, 2026 11:30 am IST, Updated : Jan 23, 2026 11:32 am IST
कोर्ट ने चार दोषियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा।- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT कोर्ट ने चार दोषियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा।

रोहतास: जिले में करीब सात साल पहले हुई मन्नु कुमार की नृशंस हत्या के मामले में जिला जज-4 अनिल कुमार की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मृतक की प्रेमिका, उसके पति, भाई और पिता समेत कुल चार लोगों को दोषी करार देते हुए सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 5-5 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के इस फैसले को न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है, जिससे समाज में कानून के प्रति भरोसा और गहरा हुआ है।

चाकू से फाड़ा पेट

दरअसल, पूरा मामला मार्च 2019 का है यहां अगरेर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव में हत्या के बाद दोषियों ने शव के साथ अमानवीय कृत्य किया, जिससे पूरे इलाके में दहशत मच गई। दोषियों ने मृतक मन्नु कुमार का पेट चाकू से फाड़ दिया था और उसके गुप्तांग को काटकर सरसों के पौधे पर लटका दिया गया था। कोर्ट ने इस मामले में सुमन देवी, दूधेश्वर चौधरी, फूलचंद चौधरी और प्रकाश चौधरी उर्फ प्रभाकर को दोषी ठहराया। ये सभी दोषी भगवानपुर, अगरेर के रहने वाले हैं। 

प्रेमिका ने फोन करके बुलाया था

मृतक के पिता अशोक चौधरी के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष के अपर लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि घटना 5 मार्च 2019 को घटी थी। उस दिन शाम करीब 7:20 बजे मन्नु कुमार खाना खाकर घर से बाहर गया और देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। अगले दिन सुबह गांव के ही एक व्यक्ति ने खेत में मन्नु का शव देखे जाने की सूचना दी। शव की पहचान परिजनों ने की। शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। अभियोजन के अनुसार हत्या का कारण अवैध संबंध बताया गया। गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों अभियुक्तों को दोषी करार दिया।

एक ही परिवार के चारों दोषी

अदालत में पेश तथ्यों के अनुसार, इस जघन्य वारदात को पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था। सजा पाने वालों में मन्नु की प्रेमिका सुमन देवी, उसका पति प्रभाकर सिंह, सुमन का पिता दुधेश्वर चौधरी और उसका भाई फूलचंद शामिल हैं। बताया गया कि वारदात से दो दिन पहले सुमन अपने पति के साथ प्रयागराज से अपने मायके भगवानपुर आई थी। 4 मार्च 2019 की शाम सुमन ने ही फोन कर मन्नु को मिलने के लिए बुलाया। मन्नु बिना किसी को बताए घर से निकला, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटा। अगले दिन 5 मार्च को उसका क्षत-विक्षत शव सरसों के खेत से बरामद हुआ, जिससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई। (इनपुट- रंजन सिंह)

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