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'केवल कागज पर ही चल रही थी नूरा कुश्ती, सारे तथ्य...', चीफ सेक्रेटरी के खिलाफ आतिशी ने केजरीवाल को भेजी सप्लीमेंट्री रिपोर्ट

 Reported By: Bhaskar Mishra Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Nov 22, 2023 02:07 pm IST,  Updated : Nov 22, 2023 02:07 pm IST

ये पूरा विवाद दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के बामनोली गांव में द्वारका एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन के अधिग्रहण से जुड़ा है। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर पहली रिपोर्ट पर संज्ञान लेने से इनकार किया था।

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दिल्ली की मंत्री आतिशी सिंह Image Source : PTI

भ्रष्टाचार के आरोप में दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने चीफ सेक्रेटरी के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक सप्लीमेंट्री रिपोर्ट सौंपी है। बता दें कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर पहली रिपोर्ट पर संज्ञान लेने से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि चीफ सेक्रेटरी ने डीएम के खिलाफ कार्रवाई की है।

'केवल कागज पर चल रही थी नूरा कुश्ती'

आतिशी ने अपनी पहली रिपोर्ट में बताया था कि चीफ सेक्रेटरी ने डीएम के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। कार्रवाई को लेकर केवल कागज पर नूरा कुश्ती चल रही थी। उन्होंने कहा था कि सारे तथ्य जानते हुए भी डीएम को सस्पेंड नहीं किया गया। आरोप लगाया गया है कि चीफ सेक्रेटरी ने डीएम को बचाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा,

'चीफ सेक्रेटरी के बेटे की कंपनी को मिला फायदा'

आतिशी का आरोप है कि इसकी एवज में चीफ सेक्रेटरी के बेटे की कंपनी को फायदा मिला है। उन्होंने कहा, असलियत को सामने लाने के लिए CBI-ED की जांच जरूरी है और जांच होने तक चीफ सेक्रेटरी को निलंबित करना भी जरूरी है।

जानिए क्या है ये पूरा विवाद

ये पूरा विवाद दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के बामनोली गांव में द्वारका एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन के अधिग्रहण से जुड़ा है। इस एक्सप्रेस-वे के लिए 19 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हुआ था। आरोपों के मुताबिक साल 2018 में उस जमीन के लिए मुआवजे की रकम 41.52 करोड़ रुपये तय की गई थी लेकिन हेमंत कुमार के डीएम का पद भार ग्रहण करने के बाद वह रकम 353.79 करोड़ हो गई। इस मामले में मुख्य सचिव पर आरोप ये है कि उनके बेटे जिस रियल एस्टेट कंपनी से जुड़े थे, उस कंपनी का एक निदेशक बामनोली गांव में अधिग्रहित की गई जमीन के मालिकों में से एक सुभाष चंद कथूरिया के दामाद हैं। मंत्री ने आरोप ये लगाया है पूरे मामले में मुख्य सचिव के बेटे की कंपनी को गलत तरीके फायदा पहुंचाया गया है।

हालांकि मुख्य सचिव नरेश कुमार ने किसी भी तरह के घोटाले या भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि ये आरोप राजनीति से प्रेरित है।

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