Sunday, February 01, 2026
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Data Privacy Day: अपने डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

Harshit Harsh Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh Published : Jan 28, 2026 01:36 pm IST, Updated : Jan 28, 2026 01:36 pm IST
  • हर साल 28 जनवरी को डेटा प्रोटेक्शन डे के तौर पर मनाया जाता है। 2006 में काउंसिल ऑफ यूरोप ने इस दिन को डेटा प्रोटेक्शन डे के तौर पर मनाने के निर्णय किया था। तेजी से बढ़ रहे डिजिटल वर्ल्ड को देखते हुए आपके सोशल मीडिया अकाउंट, फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट्स समेत निजी बातें ऑनलाइन लीक हो सकती हैं। इन्हें सुरक्षित रखने के लिए आपको हमेशा जागरूक रहने की जरूरत है।
    Image Source : Upsplash
    हर साल 28 जनवरी को डेटा प्रोटेक्शन डे के तौर पर मनाया जाता है। 2006 में काउंसिल ऑफ यूरोप ने इस दिन को डेटा प्रोटेक्शन डे के तौर पर मनाने के निर्णय किया था। तेजी से बढ़ रहे डिजिटल वर्ल्ड को देखते हुए आपके सोशल मीडिया अकाउंट, फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट्स समेत निजी बातें ऑनलाइन लीक हो सकती हैं। इन्हें सुरक्षित रखने के लिए आपको हमेशा जागरूक रहने की जरूरत है।
  • अपने सोशल मीडिया के साथ-साथ ई-मेल और बैंक अकाउंट्स को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए आपको स्ट्रॉन्ग पासवर्ड बनाने की जरूरत है। साथ ही, अलग-अलग अकाउंट्स के लिए अलग-अलग पासवर्ड का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा करने से डेटा लीक होने के बाद भी आपका अकाउंट सुरक्षित रह सकता है। हमेशा पासवर्ड बनाने के लिए लेटर के साथ-साथ नंबर और सिम्बल का इस्तेमाल करें।
    Image Source : Unsplash
    अपने सोशल मीडिया के साथ-साथ ई-मेल और बैंक अकाउंट्स को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए आपको स्ट्रॉन्ग पासवर्ड बनाने की जरूरत है। साथ ही, अलग-अलग अकाउंट्स के लिए अलग-अलग पासवर्ड का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा करने से डेटा लीक होने के बाद भी आपका अकाउंट सुरक्षित रह सकता है। हमेशा पासवर्ड बनाने के लिए लेटर के साथ-साथ नंबर और सिम्बल का इस्तेमाल करें।
  • स्ट्रॉन्ग पासवर्ड के साथ-साथ अपने अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए एक्स्ट्रा डेटा प्रोटेक्शन ऑन रखना चाहिए। आपको टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन इनेबल करना चाहिए, ताकि पासवर्ड कम्प्रोमाइज होने के बाद भी आपके अकाउंट का एक्सेस न मिल सके। साथ ही, ऑथेंटिकेटर की का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि बिना परमिशन के अकाउंट एक्सेसिबल न हो सके। खास तौर पर बैंकिंग और सोशल मीडिया ऐप को इससे सुरक्षित किया जा सकता है।
    Image Source : Unsplash
    स्ट्रॉन्ग पासवर्ड के साथ-साथ अपने अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए एक्स्ट्रा डेटा प्रोटेक्शन ऑन रखना चाहिए। आपको टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन इनेबल करना चाहिए, ताकि पासवर्ड कम्प्रोमाइज होने के बाद भी आपके अकाउंट का एक्सेस न मिल सके। साथ ही, ऑथेंटिकेटर की का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि बिना परमिशन के अकाउंट एक्सेसिबल न हो सके। खास तौर पर बैंकिंग और सोशल मीडिया ऐप को इससे सुरक्षित किया जा सकता है।
  • फोन में ऐप को दिए जाने वाले परमिशन को लगातार रिव्यू करते रहें ताकि कौन से ऐप को कौन सा परमिशन मिला है, इसका पता लग सके। कई बार हम जाने-अनजाने में ऐप को कई तरह के परमिशन दे देते हैं। ऐसे में आपको फोन की सेटिंग्स में जाकर ऐप परमिशन को चेक करना होगा। अगर, जरूरत न हो तो ऐप्स को कोई भी परमिशन न दें। खास तौर पर माइक्रोफोन, कैमरा, फाइल्स, गैलरी और लोकेशन जैसे परमिशन को बंद कर दें।
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    फोन में ऐप को दिए जाने वाले परमिशन को लगातार रिव्यू करते रहें ताकि कौन से ऐप को कौन सा परमिशन मिला है, इसका पता लग सके। कई बार हम जाने-अनजाने में ऐप को कई तरह के परमिशन दे देते हैं। ऐसे में आपको फोन की सेटिंग्स में जाकर ऐप परमिशन को चेक करना होगा। अगर, जरूरत न हो तो ऐप्स को कोई भी परमिशन न दें। खास तौर पर माइक्रोफोन, कैमरा, फाइल्स, गैलरी और लोकेशन जैसे परमिशन को बंद कर दें।
  • फोन या लैपटॉप को हमेशा सिक्योर WiFi या इंटरनेट से ही कनेक्ट करें। पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसके अलावा सोशल मीडिया या मैसेज और कॉल के जरिए मिलने वाले लुभावने ऑफर पर ध्यान न दें। हैकर्स लोगों को अपनी जाल में फंसाने के लिए ऐसा करते हैं। इसके बाद आपका निजी डेटा चोरी करते हैं और फ्रॉड को अंजाम देते हैं।
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    फोन या लैपटॉप को हमेशा सिक्योर WiFi या इंटरनेट से ही कनेक्ट करें। पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसके अलावा सोशल मीडिया या मैसेज और कॉल के जरिए मिलने वाले लुभावने ऑफर पर ध्यान न दें। हैकर्स लोगों को अपनी जाल में फंसाने के लिए ऐसा करते हैं। इसके बाद आपका निजी डेटा चोरी करते हैं और फ्रॉड को अंजाम देते हैं।