Thursday, January 15, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. जौ का आटा या रागी का आटा, कौन सा सेहत के लिए है ज्यादा फायदेमंद?

जौ का आटा या रागी का आटा, कौन सा सेहत के लिए है ज्यादा फायदेमंद?

जौ (Barley) और रागी (Finger Millet) दोनों ही स्वास्थ्य के लिए "सुपरफूड" माने जाते हैं। लेकिन इन दोनों के फायदे अलग अलग हैं। अब लोगों के मन में ये सवाल होगा कि इनमें से बेस्ट कौन है। ऐसे में चलिए जानते हैं जौ और रागी में से कौन सा आटा सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है।

Written By: Ritu Raj
Published : Jan 15, 2026 06:30 am IST, Updated : Jan 15, 2026 06:30 am IST
जौ का आटा या रागी का आटा- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK जौ का आटा या रागी का आटा

हम जो भी खाते हैं उसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। इसलिए इन दिनों लोग अपनी डाइट को लेकर काफी स्ट्रिक्ट हो गए हैं और हेल्दी चीजों का सेवन करते हैं। वेट लॉस करने और डायबिटीज के खतरे को कम करने के लिए लोग चावल की जगह रोटियों का सेवन करना ज्यादा कर रहे हैं। ऐसे में लोग अलग अलग आटे से बनी रोटियों का सेवन करते हैं। लोगों के मन में ये भी सवाल रहता है कौन से आटे की रोटी खाना ज्यादा फायदेमंद है। ऐसे में जौ और रागी के आटे से बनी रोटियां भी खूब खाई जाती है। लेकिन लोग इसे लेकर भी काफी कंफ्यूज हैं कि दोनों में से सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद क्या है। चलिए जानते हैं।

जौ का आटा (Barley Flour)

जौ विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित होता है जो वजन घटाना चाहते हैं या कोलेस्ट्रॉल से परेशान हैं।

वजन घटाने और पेट के लिए: इसमें 'बीटा-ग्लूकन' नामक फाइबर होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और पाचन को दुरुस्त करता है। इससे आप लंबे समय तक नहीं खाते जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।

कोलेस्ट्रॉल: यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में रागी से अधिक प्रभावी माना जाता है।

डायबिटीज: इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) काफी कम होता है, जो शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में मदद करता है।

सावधानी: जौ में ग्लूटेन होता है, इसलिए जिन्हें सीलिएक रोग या ग्लूटेन एलर्जी है, वे इसे न खाएं।

रागी का आटा (Ragi Flour)

रागी कैल्शियम और आयरन का पावरहाउस है। यह बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है।

हड्डियों की मजबूती: इसमें किसी भी अन्य अनाज की तुलना में सबसे ज्यादा कैल्शियम होता है। यह ऑस्टियोपोरोसिस से बचाने में मदद करता है।

एनीमिया: रागी में आयरन भरपूर मात्रा में होता है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक है।

ग्लूटेन-फ्री: यह पूरी तरह से ग्लूटेन-फ्री है, जिससे यह संवेदनशील पेट वाले लोगों के लिए सुरक्षित है।

मानसिक स्वास्थ्य: इसमें ऐसे अमीनो एसिड होते हैं जो तनाव और चिंता को कम करने में मदद करते हैं।

आपके लिए कौन सा बेहतर है?

अगर आप वजन घटाना, कोलेस्ट्रॉल कम करना या गर्मियों में शरीर को ठंडा रखना चाहते हैं तो जौ का आटा चुनें।

यदि आपको कैल्शियम की कमी है, आप ग्लूटेन-फ्री डाइट पर हैं, या बढ़ते बच्चों और बुजुर्गों की हड्डियों की सेहत का ध्यान रखना चाहते हैं तो रागी का सेवन करें। 

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

Latest Health News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement