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कितनी खतरनाक है मेनिनजाइटिस की बीमारी? कौन सा अंग प्रभावित होता है, वजह क्या है? एक्सपर्ट से जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

 Written By: Ritu Raj
 Published : Oct 05, 2025 07:00 am IST,  Updated : Oct 06, 2025 01:27 pm IST

World Meningitis Day 2025: आज वर्ल्ड मेनिनजाइटिस डे मनाया जा रहा है। ऐसे में चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं कि कितनी खतरनाक मेनिनजाइटिस की बीमारी। इस बीमारी से कौन सा अंग प्रभावित होता है, इसके पीछे की वजह क्या है। साथ ही जानेंगे इसके लक्षण क्या हैं और बचाव के उपाय।

World Meningitis Day 2025- India TV Hindi
कितनी खतरनाक मेनिनजाइटिस की बीमारी Image Source : FREEPIK

World Meningitis Day 2025: वर्ल्ड मेनिनजाइटिस डे (World Meningitis Day) हर साल 5 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य मेनिनजाइटिस (जिसे अक्सर दिमागी बुखार भी कहा जाता है) नामक जानलेवा बीमारी के बारे में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। मेनिनजाइटिस एक ऐसी बीमारी है जो घंटों के भीतर घातक हो सकती है। यह बीमारी आजीवन विकलांगता का कारण बन सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2030 तक मेनिनजाइटिस को हराने के लिए एक वैश्विक रोडमैप तैयार किया है। ऐसे में जब आज वर्ल्ड मेनिनजाइटिस डे मनाया जा रहा है तो जैन हॉस्पिल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु शाक्य से जानने की कोशिश करते हैं कि कितनी खतरनाक मेनिनजाइटिस की बीमारी। इस बीमारी से कौन सा अंग प्रभावित होता है और इसके पीछे की वजह क्या है। साथ ही ये भी जानने की कोशिश करेंगे कि इसके बचाव के क्या क्या उपाय हैं।

मेनिनजाइटिस कितनी खतरनाक है?

- यह बीमारी बेहद खतरनाक हो सकती है, खासकर अगर समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकती है |

- बच्चों, बुजुर्गों और कमज़ोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इसका खतरा और भी अधिक होता है |

- बीमारी कुछ घंटों या दिनों में अचानक गंभीर हो सकती है, जिससे मस्तिष्क डैमेज, सुनने की समस्या, दौरे या मौत भी हो सकती है |

प्रभावित अंग

- मुख्य रूप से मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की सुरक्षा करने वाली झिल्लियां प्रभावित होती हैं |

- बीमारी के दौरान, कभी-कभी खुद मस्तिष्क भी प्रभावित हो सकता है।

कारण

- मेनिनजाइटिस का सबसे आम कारण बैक्टीरिया, वायरस या फंगस होते हैं |

- बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस सबसे खतरनाक होती है |

- इसमें से टीबी मेनिनजाइटिस भी एक महत्वपूर्ण कारण है, जो मस्तिष्क की झिल्लियों में ट्यूबरकुलोसिस के संक्रमण से होता है और धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकता है।

लक्षण

- अचानक तेज बुखार

- सिरदर्द

- गर्दन में अकड़न

- उल्टी या मिचली आना

- रोशनी से असहजता

- दृष्टि में धुंधलापन या भ्रम

- बच्चों में सुस्ती, लगातार रोना या चिड़चिड़ापन

बचाव के उपाय

- बच्चों को मेनिनजाइटिस के लिए उपलब्ध टीके (जैसे मेनिंजोकोकल) लगवाना चाहिए |

- हाथों की सफाई, साफ पानी पीना, और बीमार व्यक्ति से दूरी बनाए रखना जरूरी है |

- भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सावधानी रखें |

- बुखार, तेज सिरदर्द या गर्दन में ऐंठन जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें |

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डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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