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केरल में कोविड-19 के 17,481 नए मामले, 105 की मौत, लोगों ने घरों में मनायी बकरीद

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 21, 2021 07:29 pm IST,  Updated : Jul 21, 2021 07:29 pm IST

केरल में बुधवार को कोरोना वायरस से 105 मरीजों की मौत हो गई और 17,481 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही कुल संक्रमितों की संख्या 32,05,197 और मृतकों की संख्या 15,617 हो गई। राज्य में लगातार दूसरे दिन संक्रमण दर करीब 12 फीसदी रही।

Coronavirus: Kerala records 17,481 new cases, highest in 1.5 months- India TV Hindi
केरल में बुधवार को कोरोना वायरस से 105 मरीजों की मौत हो गई और 17,481 नए मामले सामने आए। Image Source : PTI

तिरुवनंतपुरम: केरल में बुधवार को कोरोना वायरस से 105 मरीजों की मौत हो गई और 17,481 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही कुल संक्रमितों की संख्या 32,05,197 और मृतकों की संख्या 15,617 हो गई। राज्य में लगातार दूसरे दिन संक्रमण दर करीब 12 फीसदी रही और यहां के तीन जिलों में 2,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार 14,131 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के बाद कुल स्वस्थ हुए लोगों की संख्या बढ़कर 30,59,441 हो गई। वहीं, अब 1,29,640 मरीजों का उपचार चल रहा है। राज्य में मलाप्पुरम से 2,318, एर्नाकुलम से 2,270, कोझिकोड से 2,151 मामले सामने आए हैं। नए मरीजों में से 97 स्वास्थ्यकर्मी हैं। 

वहीं, कोविड-19 की दूसरी लहर से जूझने के कारण सार्वजनिक समारोहों पर पाबंदियों के चलते मुस्लिम समुदाय ने अपने घरों में सादगी से बकरीद मनायी। ईदगाहों तथा मस्जिदों में इस साल बड़ी संख्या में एकत्रित होकर लोगों ने नमाज नहीं पढ़ी क्योंकि सरकार ने इस महीने संक्रमण के मामलों में गिरावट होने के बाद भी महामारी के फिर से फैलने की आशंका के चलते सख्त पाबंदियां लागू की हुई हैं। 

महामारी संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करते हुए केवल 40 लोगों को ही एक साथ नमाज पढ़ने की अनुमति दी गयी है जिसके चलते दक्षिणी राज्य में मस्जिदों में चहल-पहल नहीं देखी गयी। मस्जिदों में नमाज पढ़ते समय लोगों को सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए देखा गया। लोगों की सुरक्षा पर विचार करते हुए ज्यादातर मस्जिद प्राधिकारियों ने नमाजियों को वुजू (सफाई) करने के बाद और अपना मुसल्ला (बिछाने का कपड़ा) लेकर सुबह ईद की नमाज के लिए आने को कहा। 

नमाज पढ़ने के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाने से भी बचते दिखे। हालांकि, घरों पर पारंपरिक व्यंजन बनाने और खिलाने के दशकों पुराने रिवाज में कोई बदलाव नहीं आया। राज्य सरकार द्वारा रविवार से तीन दिन की रियायतों के कारण कई लोग खरीददारी करने के लिए दुकानों पर उमड़े थे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उन इलाकों में बकरीद के लिए सरकार की छूट की आलोचना की जहां संक्रमण दर अधिक है। 

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