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मंदसौर में हालात बेकाबू, कर्फ्यू के बावजूद हिंसा जारी, कई वाहनों को आग के हवाले किया

 Written By: IANS
 Published : Jun 07, 2017 04:43 pm IST,  Updated : Jun 08, 2017 12:08 am IST

मध्य प्रदेश के मंदसौर में बुधवार को कर्फ्यू के बावजूद आंदोलनकारी किसान शांत होने का नाम नहीं ले रहे हैं। आंदोलनकारियों ने एक कारखाने और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया है।

Mandsaur bus fire- India TV Hindi
Mandsaur bus fire Image Source : PTI

मंदसौर/भोपाल: मध्य प्रदेश के मंदसौर में बुधवार को कर्फ्यू के बावजूद आंदोलनकारी किसान शांत होने का नाम नहीं ले रहे हैं। आंदोलनकारियों ने एक कारखाने और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया है। मंदसौर शहर व पिपलिया मंडी में लागू कर्फ्यू बुधवार को भी जारी है। गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिजनों और किसानों ने बरखेड़ा पंत पर चक्काजाम कर दिया है। दूसरी ओर राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ और कांग्रेस ने भी आज (बुधवार) बंद का आह्वान किया है, जिसके कारण कई स्थानों पर सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

Mandsaur car
Image Source : PTIMandsaur car

मंदसौर में मंगलवार को हुई हिंसा की आग बुधवार को और धधक उठी है। कर्फ्यू लागू होने के बावजूद किसानों ने पिपलिया मंडी स्थित एक फैक्टरी में आग दी और बही चौपाटी इलाके में तीन बड़े वाहनों को आग के हवाले कर दिया।  इस बीच, किसान आंदोलन के दौरान मंगलवार को पिपलिया मंडी क्षेत्र में हुई पुलिस गोलीबारी में मारे गए किसानों की संख्या को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। 

जिलाधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बुधवार को आईएएनएस से मृतकों की संख्या पांच बताई, जबकि आम किसान यूनियन के केदार सिरोही ने कहा कि "पाटीदार समाज से प्राप्त सूचना के मुताबिक सिर्फ पाटीदार समाज के ही छह लोग मारे गए हैं। यह संख्या ज्यादा भी हो सकती है।" किसानों ने बरखेड़ा पंत गांव से गुजरने वाले मार्ग को जाम कर दिया है। गोलीबारी में मारे गए छात्र अभिषेक पाटीदार के शव को सड़क पर रखकर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों ने मृतक किसानों को शहीद का दर्जा देने की मांग की है। 

Mandsaur fire
Image Source : PTIMandsaur fire

राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने किसानों की मौत पर बुधवार को प्रदेश बंद का आह्वान किया है। इस बंद का कांग्रेस ने भी समर्थन किया। बंद के कारण राज्य के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा है। नीमच, उज्जैन, झाबुआ, भोपाल में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला है।

ज्ञात हो कि राज्य में फसल के उचित दाम और कर्ज माफी को लेकर किसान एक जून से हड़ताल पर हैं। 10 जून तक चलने वाली हड़ताल के छठे दिन मंगलवार को किसान पिपलिया मंडी में सड़क पर उतरकर आए थे। इसी दौरान पुलिस से उनकी झड़प हो गई और पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने किसानों पर गोलीबारी शुरू कर दी। गोलीबारी में पांच किसानों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। किसानों की मौत के बाद आंदोलन अधिक उग्र हो उठा। प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को 30 से ज्यादा वाहन फूंक डाले। प्रशासन ने हिंसा के मद्देनजर मंदसौर व पिपलिया मंडी में कर्फ्यू लगा दिया।

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