पलामू: झारखंड के पलामू जिले में एक व्यक्ति को पुलिस ने फर्जीवाड़े के आरोप में गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी खुद को IAS और IP&TAFS अधिकारी बताकर एक जमीन विवाद में दखल देने की कोशिश कर रहा था। 2 जनवरी 2026 को हुसैनाबाद पुलिस स्टेशन में सामने आई इस घटना के बारे में पुलिस का कहना है कि आरोपी सरकारी पद की नकली साख का फायदा उठाकर अपने रिश्तेदार की मदद करने आया था। पुलिस के बयान के मुताबिक, आरोपी दोपहर करीब 4 बजे पुलिस स्टेशन पहुंचा, उसने अपना नाम राजेश कुमार बताया और दावा किया कि वह 2014 बैच का ओडिशा कैडर का IAS अधिकारी है।
'...तो आरोपी ने अपना बयान बदल दिया'
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कहा कि वह फिलहाल भुवनेश्वर में चीफ अकाउंट्स ऑफिसर यानी कि CAO के पद पर तैनात है। पूछताछ के दौरान उसने कहा कि वह पहले देहरादून, हैदराबाद और भुवनेश्वर में काम कर चुका है। पुलिस ने कहा कि आरोपी की पोस्टिंग की कहानी में कई असंगतियां थीं, जिससे पुलिस अधिकारियों को शक हुआ। जब पुलिस ने और सवाल किए, तो आरोपी ने अपना बयान बदल दिया और कहा कि वह इंडियन पीएंडटी अकाउंट्स एंड फाइनेंस सर्विस (IP&TAFS) का अधिकारी है। उसने दावा किया कि यह पद IAS के बराबर है और UPSC के जरिए चुना जाता है।
'आरोपी बाद में पुलिस स्टेशन से चला गया'
पुलिस का कहना है कि आरोपी बाद में पुलिस स्टेशन से चला गया, लेकिन अधिकारियों ने उसकी पहचान पर शक होने पर मामले को सीनियर अधिकारियों को बताया। एक शुरुआती जांच में, जिसमें गांव के लोगों से भी पूछताछ की गई, पता चला कि यह व्यक्ति किसी भी सरकारी सेवा से जुड़ा नहीं है। उसे दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह कोई नियुक्ति पत्र, ID कार्ड या आधिकारिक दस्तावेज नहीं दिखा सका। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह IP&TAFS अधिकारी बनकर घूम रहा था।
आरोपी ने 4 बार दी थी UPSC की परीक्षा
आरोपी ने बताया कि उसने UPSC की परीक्षा 4 बार दी थी, लेकिन सफल नहीं हो सका। बाद में उसने अपने परिवार से झूठ बोला कि उसे एक प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी मिल गई है। पुलिस ने तलाशी के दौरान उसके पास से नकली आईडी कार्ड, एक फर्जी नीली नेमप्लेट, एक मोबाइल फोन और एक हुंडई एरा कार बरामद की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।



