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ग्राम प्रधान की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों के झारखंड बंद का मिला-जुला असर, अधिकांश हिस्सों में बंद रहे स्कूल

 Published : Jan 17, 2026 10:49 pm IST,  Updated : Jan 17, 2026 10:49 pm IST

खूंटी थाना क्षेत्र में जमीन विवाद में सात जनवरी को 'आदेल सांगा पड़हा राजा' सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी के विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठनों ने बंद का आह्वान किया था।

Albert Ekka chowk, Ranchi- India TV Hindi
अलबर्ट एक्का चौक, रांची Image Source : PTI

रांची: आदिवासी संगठनों द्वारा बुलाए गए झारखंड बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। राज्य के अधिकांश हिस्सों में स्कूल बंद रहे। आदिवासी संगठनों नेपिछले दिनों खूंटी जिले में एक ग्राम प्रधान की हत्या के विरोध में बंद बुलाया था। इसमें विभिन्न आदिवासी संगठनों ने हिस्सा लिया।

दुकानें और बाजार बंद रहे

अधिकारियों ने बताया कि बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने खूंटी, सिमडेगा, चाईबासा और गुमला जैसे आदिवासी बहुल जिलों में सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए टायर जलाए। इन जिलों में दुकानें और बाजार बंद रहे, साथ ही सार्वजनिक वाहन भी सड़कों से दूर रहे। उन्होंने बताया कि 'झारखंड बंद' के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में स्कूल बंद रहे। 

रांची के कुछ हिस्सों में बंद का कैसा रहा असर?

राज्य की राजधानी रांची के कुछ हिस्सों में इसका आंशिक असर देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने करमटोली चौक, अल्बर्ट एक्का चौक और अन्य स्थानों पर सड़क जाम किया और जबरन दुकानें बंद कराने की कोशिश की। हालांकि, शहर के अधिकांश हिस्सों में बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे और लोग अपने काम पर जाते नजर आए। 

रांची में अतिरिक्त फोर्स तैनात

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य प्रशासन ने सभी जिलों में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और रांची में अतिरिक्त बल तैनात किए गए । झारखंड बंद को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं आदिवासी नेता लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा, "आज के बंद में 20 से अधिक आदिवासी संगठनों ने हिस्सा लिया। हम सोमा मुंडा के लिए न्याय की मांग करते हैं।" 

क्या है मामला?

बता दें कि खूंटी थाना क्षेत्र के जियारप्पा गांव में 3.16 एकड़ जमीन के विवाद को लेकर सात जनवरी को 'आदेल सांगा पड़हा राजा' (22 गांवों के पारंपरिक मुखिया) सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। आदिवासी उलगुलान मंच (एयूएम) के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारियां दिखावा मात्र हैं। उन्होंने कहा, "मुख्य शूटर और आरोपी अब भी फरार हैं। हम उनकी तत्काल गिरफ्तारी चाहते हैं।" सोमा मुंडा ने 2024 में अबुआ झारखंड पार्टी (एजेपी) के टिकट पर खूंटी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था।

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