1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. Ajit Pawar Plane Crash: ब्लैक बॉक्स सुरक्षित, जांच जारी, DGCA ने किए हैं क्या क्या अहम खुलासे, जानें

Ajit Pawar Plane Crash: ब्लैक बॉक्स सुरक्षित, जांच जारी, DGCA ने किए हैं क्या क्या अहम खुलासे, जानें

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Jan 29, 2026 07:50 pm IST,  Updated : Jan 29, 2026 07:50 pm IST

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मौत के बाद डीजीसीए ने बताया है कि ब्लैक बॉक्स सुरक्षित है और जांच जारी है। डीजीसीए ने कई तरह के खुलासे किए हैं। जानें क्या?

अजित पवार का प्लेन क्रैश - India TV Hindi
अजित पवार का प्लेन क्रैश Image Source : FILE PHOTO (PTI)

Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान दुर्घटना में निधन के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस पत्र का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने बारामती में हुए घातक विमान हादसे का विवरण मांगा था, जिसमें एक दिन पहले उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी। अपने जवाब में सरकार ने कहा कि ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। दुर्घटनास्थल से प्राप्त सभी तकनीकी रिकॉर्ड, परिचालन संबंधी विवरण और तथ्यों की जांच की जा रही है, जिनसे घटनाक्रम और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी।

डीजीसीए ने कही ये बड़ी बात

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने विमान दुर्घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी है और यह जांच पूरी तरह से, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से की जाएगी। मंत्रालय ने कहा, "आपकी इस अनुरोध पर भी ध्यान दिया जा रहा है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए उचित उपाय किए जाएं।"

ब्लैक बॉक्स विमान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और विमान दुर्घटनाओं में इसे प्राथमिक सुरागों में से एक माना जाता है। वर्ल्ड एविएशन फ्लाइट एकेडमी के अनुसार, यह एक ऐसा उपकरण है जिसे उड़ान के दौरान महत्वपूर्ण डेटा को कैप्चर और स्टोर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

बुधवार सुबह बारामती में लीयरजेट 45 विमान दुर्घटना में अजीत पवार, उनके सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव, पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमित कपूर, फर्स्ट ऑफिसर कैप्टन शम्भावी पाठक और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की जान चली गई।

डीजीसीए ने किया बड़ा खुलासा

  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा बाद में जारी किए गए विमान दुर्घटना से ठीक पहले के अंतिम क्षणों के विवरण से पता चला कि विमान चालक दल और ज़मीन पर मौजूद वायु यातायात नियंत्रण (एटीसी) के बीच संवाद हुआ था।

     

  • जारी जानकारी के अनुसार, विमान ने बारामती में दो बार उतरने का प्रयास किया, जहां एक "अनियंत्रित" हवाई अड्डा है। मीडिया में छपी एक पूर्व रिपोर्ट के अनुसार, वहां एटीसी का संचालन दो स्थानीय फ्लाइंग स्कूलों के पायलट कैडेटों द्वारा बारी-बारी से किया जाता है।
     
  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि चालक दल ने शुरू में कहा था कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन बाद में रनवे से दृश्य संपर्क की पुष्टि हुई, जिसके बाद विमान को उतरने की अनुमति दे दी गई।
     
  • वारंटी में यह भी कहा गया है कि सुबह 8:43 बजे अनुमति दी गई और इसके ठीक एक मिनट बाद एटीसी ने विमान को आग की लपटों में घिरते देखा।
     
  • DGCA सूत्रों के मुताबिक बारामती एयर क्रैश की जांच का फोकस इस बात पर है कि कम विजिबिलिटी के बावजूद लैंडिंग की कोशिश क्यों की गई। उड़ान के रवाना होने के वक्त विजिबिलिटी 3 से 5 किलोमीटर के बीच बताई गई थी।
Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।