मुबंई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन अधिकारियों की सतर्कता से एक बड़े अवैध अंतरराष्ट्रीय सरोगेसी और एग डोनेशन रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में बैंकॉक से लौटी महिलाओं से पूछताछ के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि रैकेट की मास्टरमाइंड मानी जा रही तीसरी महिला फिलहाल फरार है।
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह भारत से महिलाओं को बैंकॉक ले जाता था, जहां अवैध रूप से एग डोनेशन और सरोगेसी की प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाता था। इस रैकेट का मुख्य उद्देश्य आईवीएफ (IVF) केंद्रों को एग डोनर और सरोगेट माताएं उपलब्ध कराना था।
गिरफ्तार और फरार आरोपियों के नाम
- सुनोती बेलेल (44)
- सीमा विंझारत (29)
- जबकि रैकेट की एक और मुख्य सदस्य संगीता बागुल की तलाश जारी है।
फर्जी दस्तावेज किए जाते थे तैयार
मामले की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को देखते हुए इसकी आगे की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। इस गिरोह का काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला था। सरोगेसी (नियमन) अधिनियम, 2021 के सख्त नियमों को दरकिनार करने के लिए यह गिरोह धोखाधड़ी का सहारा लेता था। यह गिरोह गरीब और अविवाहित महिलाओं को लालच देकर चुनता था। नियमों के उल्लंघन से बचने के लिए अविवाहित महिलाओं के फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे और उन्हें कागजों पर विवाहित दिखाया जाता था। भारतीय कानून के तहत एग डोनेशन और सरोगेसी के लिए कड़े नियम हैं, जिनका इस रैकेट ने पूरी तरह उल्लंघन किया।
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