राजस्थान के झुंझुनूं जिले में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की नवलगढ़ शाखा में सामने आए गोल्ड लोन घोटाले का नवलगढ़ पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए पूर्व बैंक मैनेजर सहित दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस बड़े घोटाले में करीब 6 करोड़ रुपये से अधिक के सोने के गबन की बात सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में अमित जांगिड़ (पूर्व शाखा प्रबंधक, पीएनबी नवलगढ़) और संतोष सैनी (बैंक में बीसी संचालन करने वाला) शामिल हैं।
शेयर मार्केट में भारी नुकसान बना अपराध की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूर्व बैंक मैनेजर अमित जांगिड़ को शेयर मार्केट में लगभग 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इसी नुकसान की भरपाई के लिए उसने बैंक की गोल्ड लोन व्यवस्था को निशाना बनाया।
मथुरा से दबोचा गया मुख्य आरोपी
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय आसूचनाओं के आधार पर मुख्य आरोपी अमित जांगिड़ को मथुरा (उत्तर प्रदेश) से पकड़ा। पुलिस के अनुसार, आरोपी मानसिक दबाव में था और आत्महत्या करना चाहता था।
डकैती की साजिश भी रची गई थी
जांच में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपियों ने बैंक से गायब किए गए असली सोने को छिपाने और सबूत मिटाने के लिए बैंक में डकैती डलवाने की साजिश भी रची थी। डकैती के लिए 20 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे। योजना के तहत सोना और DVR सिस्टम गायब किया जाना था। कुछ सोना आरोपियों ने स्वयं के पास भी छिपा रखा था।
फर्जी खातों से गोल्ड लोन, असली सोना गायब
अपराध का तरीका बेहद सुनियोजित था। संतोष सैनी के परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों के नाम से ऑनलाइन फर्जी खाते खुलवाए गए। बैंक के भीतर ही ओटीपी प्राप्त कर गोल्ड लोन की राशि निकाली गई। असली सोने को पैकेट से निकालकर उसकी जगह नकली आभूषण रख दिए गए। असली सोना अन्य बैंकों में गिरवी रखकर दोबारा गोल्ड लोन लिया गया। यहां तक कि अमित जांगिड़ की महिला मित्र के नाम से भी बैंक में जमा सोने का दुरुपयोग कर अन्य बैंकों से गोल्ड लोन करवाया गया।
अकूत संपत्ति का खुलासा
जांच के दौरान आरोपी अमित जांगिड़ के पास मौजूद भारी संपत्ति भी सामने आई है, जिसमें शामिल हैं- 2 महंगी कारें और 1 बुलेट बाइक, सीकर के पॉश इलाके में तीन मंजिला निर्माणाधीन मकान, गांव में 100 से अधिक देशी–विदेशी नस्ल की गायों का डेयरी फार्म, 2 पिकअप वाहन, पत्नी के नाम से गुढ़ा क्षेत्र में भूमि। वहीं, केवल 5 हजार रुपये मासिक आय दर्शाने वाले बीसी संचालक संतोष सैनी के पास भी कई दुकानें, प्लॉट और मकान पाए गए हैं।
कैसे हुआ घोटाले का खुलासा?
28 जनवरी 2026 को शाखा में संयुक्त अभिरक्षा का चार्ज लेते समय उप-प्रबंधक सीमा महला द्वारा गोल्ड सेफ की जांच में कई पैकेटों से छेड़छाड़ और नकली आभूषण पाए गए। इसके बाद शाखा प्रबंधक मुकेश सिहाग ने नवलगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
विशेष टीम ने किया खुलासा
पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत (RPS), वृत्ताधिकारी महावीर सिंह (RPS) के सुपरविजन में थानाधिकारी अजय सिंह एवं डीएसटी प्रभारी सरदारमल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम की कड़ी मेहनत से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पीसी रिमांड प्राप्त किया गया है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस घोटाले में अन्य सहयोगियों की भूमिका भी सामने आ रही है। उनकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां संभव हैं।
(रिपोर्ट- अमित शर्मा)
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