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WhatsApp पर बड़ा आरोप, Meta पढ़ सकता है आपके निजी चैट? 5 प्वॉइंट्स में समझें

WhatsApp के एनक्रिप्शन फीचर पर बड़ा आरोप लगा है। मेटा के इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप पर अमेरिकी कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि वॉट्सऐप यूजर्स के चैट पढ़े जा सकते हैं।

Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
Published : Jan 27, 2026 02:53 pm IST, Updated : Jan 27, 2026 02:53 pm IST
WhatsApp, Lawsuit on WhatsApp- India TV Hindi
Image Source : UNSPLASH वॉट्सऐप पर बड़ा आरोप

WhatsApp के एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फीचर पर सवालिया निशान लगा है। मेटा के इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अमेरिका में नया मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि कंपनी यूजर के निजी चैट्स पढ़ सकती है। वॉट्सऐप पर यह मुकदमा एक इंटरनेशनल ग्रुप ने किया है। इसमें वॉट्सऐप के एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन को लेकर सवाल उठाया गया है। इस मामले में एलन मस्क ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि वॉट्सऐप सुरक्षित नहीं है। सिग्नल ऐप पर भी सवाल उठ रहे हैं।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशन ग्रुप ऑफ प्लेन्टिफ ने दावा किया है कि मेटा रोज करोड़ों वॉट्सऐप यूजर्स के चैट पढ़ता है। कंपनी का एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन वाला दावा झूठा है। इस आरोप पर वॉट्सऐप के ग्लोबल हेड विल कैथकार्ट (Will Cathcart) ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह बेबुनियाद आरोप है। वॉट्सऐप यूजर्स के मैसेज नहीं पढ़े जा सकते हैं क्योंकि उसके एनक्रिप्शन कीज यूजर के फोन में स्टोर होते हैं, जिनका मेटा के पास एक्सेस नहीं होता है। ये वही फर्म है, जिसने पहले भी बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। इन 5 प्वॉइंट्स में वॉट्सऐप पर लगे इस आरोप को समझते हैं..

वॉट्सऐप का प्राइवेसी दावा झूठा?

अमेरिका के सेन फ्रेंसिस्को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में वॉट्सऐप के खिलाफ यह मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि कंपनी एनक्रिप्शन फीचर के नाम पर यूजर्स को भ्रमित कर रही है। हालांकि, मेटा यूजर्स के चैट्स को गैरकानूनी तरीके से स्टोर करती है और उनमें की गई बातों को एनालाइज करती हैं ताकि इसका इस्तेमाल ऐड जेनरेशन के लिए किया जा सके।

भारत समेत कई देशों में भी उठे सवाल

वॉट्सऐप के एनक्रिप्शन फीचर पर भारत समेत कई देशों में भी सवाल उठाए जा चुके हैं। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के प्लेन्टिफ ग्रुप ने वॉट्सऐप के एनक्रिप्शन फीचर वाले दावे को खोखला बताया है।

क्या वॉट्सऐप पर होगा एक्शन?

इस मामले में वॉट्सऐप पर एक्शन की संभावना बेहद कम है, क्योंकि ऐसे मामलों में कोर्ट को ठोस सबूत की जरूरत होती है। प्लेन्टिफ ग्रुप के लिए इस तरह के आरोप के लिए सबूत जुटाना मुश्किल है। ऐसे में आरोप साबित करने में काफी लंबा समय लग सकता है।

एलन मस्क भी उठा चुके हैं सवाल

वॉट्सऐप पर लगे इस आरोप पर एलन मस्क ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। मस्क ने वॉट्सऐप को असुरक्षित बताया है। साथ ही, सिग्नल के एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन पर भी मस्क ने सवाल उठा दिए हैं।

मेटा ने कहा आरोप बेबुनियाद

वॉट्सऐप के ग्लोबल हेड ने इन आरोपों को बेबुनियाद बता दिया है। मेटा ने वॉट्सऐप पर मुकदमा करने वाले वकीलों के खिलाफ केस करने की तैयारी की है। इसके लिए कंपनी कानूनी सलाह ले रही है। कंपनी के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने वॉट्सऐप पर लगे इन आरोंपो को गलत बताया है।

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