Aadhaar Card Latest News: यूआईडीएआई के अनुसार ईमेल और मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ने के लिये निकटतम आधार केंद्र पर जाने की जरूरत होगी।
आधार-पैन लिंकिंग 31 मार्च, 2022 तक मुफ्त थी। पिछले साल 1 अप्रैल से 500 रुपये का विलंब शुल्क लगाया जा रहा था, जिसे बाद में 1 जुलाई से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया था।
जांच के दौरान टीम को यह पता चला कि आरोपियों ने एक डॉक्टर की मदद से अपने आधार डेटाबेस में पता बदलवाया था जिसने महज 500 रुपये में पता बदलने संबंधी उनके प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर किया था।
आधार कार्ड को मोदी सरकार आने से पहले भी जारी किया गया था। तब कुछ बातों पर कोर्ट से बहस चल रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कुछ आदेश भी दिए थे। पढिए अब तक की पूरी टाइमलाइन।
आधार आज के समय में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गया है। लेकिन बहुत से यूजर्स की जानकारी अब पुरानी हो गई है। इसके लिए अब सरकार ने नया आदेश जारी किया है और नियमों में बदलाव किया है।
Official Documents after Death: व्यक्ति के मरने के बाद आधार, पैन, वोटर आईडी और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों कों परिजन को क्या करना चाहिए? क्या उसे फेंक देना चाहिए या फिर उसे संबंधित विभाग में जाकर वापस कर देना चाहिए। इससे जुड़े सभी सवालों का जवाब यहां जानें।
ई-केवाईसी लेनदेन केवल आधार धारक की स्पष्ट सहमति से पूरा किया जाता है, जो कागजी कार्रवाई और केवाईसी के लिए व्यक्तिगत सत्यापन की आवश्यकता को समाप्त करता है।
आधार कार्ड से जुड़ी स्कैम से बचना आसान है। लेकिन इसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी होती है। इस तरह के स्कैम से बचने के लिए आप आधार कार्ड को परमानेंट लॉक कर सकते हैं।
Voter ID-Aadhaar Link: भारतीय निर्वाचन आयोग पूरे महाराष्ट्र में मतदाता पहचान पत्र यानी वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक करने का अभियान शुरू करने जा रहा है।
ऑफलाइन माध्यम के जरिये आधार कार्ड के क्यूआर कोड से जानकारी सत्यापित की जा सकती है।
आधार-पैन को जोड़ने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च, 2022 निर्धारित कर दी गई है। इसके बाद आपको जुर्माना देना पड़ सकता है।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने गुरुवार को जनता को सावधान करते हुए कहा कि वैध कारण या किसी मौद्रिक लाभ के बिना आधार और पैन विवरण साझा करने पर धोखेबाज इसका दुरुपयोग जीएसटी चोरी के लिए कर सकते हैं।
हमारे चुनाव डाटा बेस के प्रबंधन में सबसे बड़ी समस्या है, एक ही व्यक्ति द्वारा कई चुनाव क्षेत्रों में वोटर के रूप में अपनी नाम पंजीकृत कराना।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सौरभ गर्ग ने कहा कि 'नवजात शिशुओं को आधार नंबर देने के लिए यूआईडीएआई बर्थ रजिस्ट्रार के साथ टाईअप करने की कोशिश कर रहा है।'
प्रमाणीकरण के लिए स्मार्टफोन का उपयोग करके पहचान की प्रक्रिया कैसे पूरी हो सकती है, इस पर कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी।
उल्लेखनीय है कि आधार नामांकन निशुल्क है, लेकिन जनसांख्यकीय सम्बंधी अपडेट के लिये 50 रुपये और बायोमीट्रिक अपडेट (जनसांख्यकीय अपडेट सहित या रहित) के लिये 100 रुपये का मामूली शुल्क लिया जाता है।
एनपीसीआई-आईएएमएआई द्वारा आयोजित वैश्विक फिनटेक फेस्ट को संबोधित करते हुए यूआईडीएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सौरभ गर्ग ने कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आधार का लाभ उठाने की अपार संभावनाएं हैं।
एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज एंड इंस्टीट्यूशंस की याचिका पर सुनवाई कर रही अदालत ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) एक शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति करेगा।
यूआईडीएआई ने शनिवार को एक बयान जारी कर जोर देते होते कहा, ‘‘सभी सेवाएं स्थिर हैं और ठीक तरह से काम कर रही हैं। आधार को पैन और ईपीएफओ से जोड़ने की सुविधा में कोई रुकावट नहीं आई है।’
यह देखते हुए कि आधार भारतीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट बन गया है तो इसमें जल्द से जल्द बदलाव करना जरूरी है।
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