आज देव दीपावली है, वाराणसी में देव दीपावली पर विशेष आयोजन हुआ। गंगा के घाटों को ख़ास तौर से सजाया गया। 84 घाटों पर देव दीपावली के मौके पर पच्चीस लाख से ज्यादा दीए जलाए गए हैं। नमो घाट पर पहला दीया जलाकर योगी आदित्यनाथ ने उत्सव की शुरूआत की, इसके बाद दशाश्वमेध घाट पर महाआरती हुई।
Dev Deepawali 2025 Wishes In Sanskrit: देव दीपावली, दिवाली के लगभग 15 दिन बाद मनाया जाने वाला त्योहार है। इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था। इस साल 5 नवंबर यानी आज देव दीपावली मनाई जा रही है। ऐसे में इस खास मौके पर इन संस्कृत विशेज, कोट्स के साथ आप अपनों को देव दीपावली की शुभकामनाएं दे सकते है
Dev Diwali Ki Katha: माना जाता है कि आज ही के दिन भगवान शिव ने देवताओं की प्रार्थना सुनकर त्रिपुरासुर नमक दैत्य के अत्याचार को समाप्त किया था, जिसकी खुशी में देवताओं ने दीप जलाकर उत्सव मनाया था। इसलिए इस उत्सव को देव दीपावली के नाम से भी जाना जाता है।
देव दीपावली के मौके पर काशी के घाट दीपकों की रोशनी से नहा उठेंगे। यहां पर बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचेगे। देव दीपावली को लेकर काशी की सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त की गई है।
Kartik Purnima Daan: कार्तिक पूर्णिमा को देवों का महापर्व कहा गया है। इस दिन भगवान शिव और विष्णु दोनों की आराधना की जाती है। इस दिन स्नान, ध्यान और दान करने का विशेष महत्व है। राशि अनुसार दान करने से व्यक्ति के जीवन में सुख और सौभाग्य बढ़ता है।
Dev Diwali 2025: देव दिवाली का त्योहार हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन देवता धरती पर आते हैं और दिवाली मनाते हैं। ऐसे में आइए जान लेते हैं देव दिवाली से जुड़ी पौराणिक कथा क्या है और इस दिन को त्रिपुरारी पूर्णिमा क्यों कहते हैं।
Dev Deepawali 2025: देव दीपावली 2025 पर्व की तारीख को लेकर थोड़ा संशय है। यह दिन कार्तिक पूर्णिमा तिथि को पड़ रहा है। देव दीपावली पर गंगा किनारे या घर में दीप जलाने की मान्यता है। इस दिन की पूजा से जीवन में सौभाग्य, शांति और समृद्धि आती है। जानिए इस बार कब मनाई जाएगी देव दीपावली।
देव दिवाली का पावन पर्व 15 नवंबर 2024 को मनाया जा रहा है। इस दिन शाम के समय घर में देव दीपावली कैसे मनानी चाहिए, इसके बारे में आज हम आपको अपने इस लेख में जानकारी देंगे।
देव दीपावली का पावन पर्व 15 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन कुछ उपाय करके आप जीवन में सुख-समृद्धि और धन लाभ पा सकते हैं, आज हम आपको इन्हीं उपायों के बारे में जानकारी देंगे।
हर वर्ष की भांति इस साल भी भगवान शिव की नगरी काशी ऐतिहासिक देव दीपावली का साक्षी बना। शाम होते ही यहां दीये जलने लगें और वाराणसी इनकी रोशनी से जगमग हो उठी।
बनारस में इस बार बड़े ही धूमधाम से देव दिवाली मनाई जाने वाली है। ऐसे में प्रशासन ने कई जगहों पर ऑटो व ई-रिक्शा को बैन कर दिया है। ऐसे में ट्रैफिक एडवाइजरी जान लेना बेहद जरूरी है।
वाराणसी के गंगा घाट को 12 लाख दियों से सजा दिया गया है। वहीं काशी विश्वनाथ महादेव के मंदिर को भी 11 टन फूलों से सजा दिया गया है। देव दीपावली के अवसर पर भारी संख्या में लोगों के वाराणसी पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में तैयारियां पूरी कर ली गई है।
कल देव दीपावली मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस पर्व को काशी में देवताओं ने मनाया था। कल का दिन बड़ा खास है। आइए जानते हैं आचार्य इंदु प्रकाश से कल के दिन किए जाने वाले उन सरल उपायों के बारे में जिसे नियम पूर्वक करने से आर्थिक लाभ पाया जा सकता है।
प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली मनाने का विधान है। इस बार देव दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा अलग-अलग दिन क्यों मनाई जा रही है। आइए जानते हैं हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार ऐसा इस बार क्यों हो रहा है और देव दीपावली के साथ कार्तिक पूर्णिमा क्यों नहीं मनाई जाएगी।
अभी दीपावली का त्योहार बीता ही है, लेकिन अब देव दीपावली की होड़ काशी के लोगों में है। जी हां, देव दीपावली काशी में मनाई जाती है। वैसे अयोध्या में दीपावली मनाई जाती है, लेकिन काशी में देव दीपावली क्यों मनाई जाती है? इसके पीछे एक पौराणिक कथा है जिसे आज हम आपको बताने जा रहे हैं।
Dev Diwali 2022: आज देव दिवाली है, आज के दिन भगवान शिव की आराधना और पूजा की जाती है। काशी यानी कि बनारस में देव दिवाली बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।
Dev Diwali 2022: देव दीपावली, दीवाली के 15 दिन बाद मनाई जाती है। कहा जाता है कि देव दीपावली के दिन देवताओं का पृथ्वी पर आगमन होता है और उनके स्वागत में धरती पर दीप जलाए जाते हैं।
Dev Deepawali 2022: कहा जाता है कि देव दीपावली के दिन देवताओं का पृथ्वी पर आगमन होता है और उनके स्वागत में धरती पर दीप जलाए जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार इस दिन शाम के समय शिव-मन्दिर में भी दीप जलाए जाते हैं।
वाराणसी के 80 से ज्यादा घाटों पर देव दीपावली (Dev Deepawali 2022) मनायी जाती है, इस साल गंगा के दोनों तरफ मिलाकार कुल 10 लाख दीये जलाये जाएंगे।
वाराणसी में पीएम मोदी ने देव दीपावली मनाई, लेजर शो का आनंद भी लिया
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