पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन से उपजे शोक के मद्देनजर, मुख्यमंत्री ने निर्णय लिया है कि वे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए किसी भी चुनावी सभा या कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे।
अजित पवार के निधन के कारण महाराष्ट्र में तीन दिवसीय राजकीय शोक रखा गया है। इसी वजह से मतदान की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। अब चुनाव के नतीजों का रिजल्ट नौ फरवरी को आएगा।
झारखंड में नगर पालिका चुनावों का ऐलान कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से तारीखों की घोषणा कर दी गई है। नगर पालिका के लिए चुनाव फरवरी महीने में होंगे।
म्यांमार में हुए चुनाव संपन्न हो गए हैं। म्यांमार में 28 दिसंबर, 11 जनवरी और 25 जनवरी को चुनाव हुए थे। ये चुनाव 2021 के तख्तापलट के बाद हुए हैं।
म्यांमार में रविवार को तीसरे और अंतिम चरण का मतदान जारी है। इसके एक हफ्ते बाद नतीजों की उम्मीद है। 2021 में आंग सान सू की के सैन्य तख्तापलट के 5 साल बाद चुनाव हो रहा है।
अब हर चुनाव में महिलाओं को लुभाने के लिए सभी पार्टियां नीतियां बना रही हैं। महिलाओं के खाते में सीधे पैसा भेजने वाली योजनाओं के कारण पांच चुनाव जीते जा चुके हैं। महिलाएं सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं, लेकिन पहले चुनाव में महिलाएं अपना नाम तक नहीं बता रहीं थीं।
जापान में मध्यावधि चुनाव आगामी 8 फरवरी को होना तय हो गया है। प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने शुक्रवार को संसद के निचले सदन को भंग कर दिया।
नेपाल में जेन जेड के विरोध प्रदर्शनों के बाद आम चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। इस बार 4 पूर्व प्रधानमंत्री सत्ता की दौड़ में शामिल हैं।
12 जिला परिषद और 125 पंचायत समिति की सीटों पर चुनाव का ऐलान राज्य निर्वाचन आयोग ने कर दिया है। महानगरपालिका चुनावों के खत्म होने ही इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
महाराष्ट्र में 15 जनवरी को बीएमसी समेत अन्य नगर निगम के लिए मतदान होना है। इससे ठीक एक दिन पहले महाराष्ट्र सरकार लाडकी बहीण योजना की दो किस्तें एक साथ देना चाह रही थी। इस पर चुनाव आयोग ने रोक लगा दी है।
महाराष्ट्र महानगर निगम के चुनावों में सत्ताधारी गठबंधन के दो अहम घटक दल बीजेपी और शिवसेना के कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त घमासान देखने को मिला। शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर पैसे बांटने के आरोप लगाए।
महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद उसे सत्ता से बाहर रखने के लिए बनाई गई भाजपा-नेतृत्व वाली गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। जानें पूरा मामला...
बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के अगस्त 2024 में सत्ता से बेदखल होने के बाद से हालात बदतर होते जा रहे हैं। बांग्लादेश धार्मिक हिंसा और नस्लभेद के चंगुल में फंस चुका है। यहां चुनावों से पहले विभिन्न राजनीतिक दलों में भी नया घमासान मच गया है।
पुणे महानगरपालिका और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका चुनाव अजीत पवार की एनसीपी और शरद पवार की एनसीपी गठबंधन में लड़ना चाहती थी। दोनों की ओर से गठबंधन की कोशिश भी हुई। दोनों दलों के बीच मीटिंग भी बुलाई गई लेकिन बातचीत बेनतीजा खत्म हुई।
मुंबई की 30 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम मतदाता 'निर्णायक' स्थिति में हैं। इन क्षेत्रों में मुस्लिम वोट बैंक जिस तरफ झुकेगा, उसी उम्मीदवार की जीत तय मानी जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच सीट बंटवारे पर टकराव बढ़ता जा रहा है। अभी तक दोनों दलों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है जबकि कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है।
बांग्लादेश में जारी हिंसा के दौरान 25 दिसंबर का दिन राजनीतिक इतिहास के तौर पर बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 साल बाद लंदन से ढाका लौट आए हैं।
साल 2025 में दो चुनाव हुए और दोनों में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया। दिल्ली में पार्टी अपने दम पर सत्ता में आई। वहीं, बिहार में एनडीए गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिला।
महाराष्ट्र निकाय चुनाव के बीच गडचिरोली से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां कांग्रेस उम्मीदवार ने भाजपा के अपने प्रतिद्वंद्वी को मात्र एक वोट से हरा दिया। वार्ड संख्या चार में हुई कांटे की टक्कर ने राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता बनाए रखी।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि चुनावी घोषणाओं को पूरा करने के चक्कर में राज्यों की हालत खराब हो चुकी है। ऐसे में केंद्र सरकार को राज्यों की मदद करनी चाहिए।
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