देश में सरकार के द्वारा टीकाकरण को लेकर चलाए जा रहे अभियान का असर देखा जा रहा है। आईसीआरए की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दोहरे अंकों में 13 प्रतिशत पर बढ़ने की उम्मीद है।
GSDP Levels: 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आधिकारिक आंकड़ों का विश्लेषण करने पर ये जानकारी सामने आई है। हालांकि गुजरात और महाराष्ट्र सहित 11 राज्यों की 2021-22 की विकास दर का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
GDP को हिंदी में सकल घरेलू उत्पाद कहा जाता है। इसका उपयोग किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को मापने के लिए किया जाता है।
वित्त वर्ष 22 में GDP ग्रोथ 8.7% रही है। कोरोना से प्रभावित 2020-21 में यह -6.6% रही थी।
2020-21 के लिए केंद्र सरकार के लेखा महानियंत्रक (CGA) ने राजस्व-व्यय के आंकड़ों को पेश यह जानकारी दी।
आरबीआई ने रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी अड़चनों की वजह से अर्थव्यवस्था के वृद्धि दर अनुमान घटाया है।
मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में कहा गया है, हमारा अनुमान है कि चक्रीय पुनरुद्धार का चक्र जारी रहेगा, लेकिन यह हमारे पिछले अनुमान से नरम रहेगा।
एनएसओ के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) 28 फरवरी को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए जीडीपी अनुमान घोषित करेगा।
आईएमएफ का ताजा अनुमान चालू वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के 9.2 प्रतिशत और भारतीय रिजर्व बैंक के 9.5 प्रतिशत के अनुमान से कम है।
घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘‘हम अर्थव्यवस्था के संगठित और असंगठित क्षेत्रों के बीच स्पष्ट ‘के’ आकार के पुनरूद्धार के साथ चालू वित्त वर्ष में नौ प्रतिशत की वृद्धि दर के अपने अनुमान पर कायम हैं।’’
मंगलवार को आए आकड़ों के अनुसार GDP विकास दर 8.4% पहुंच गई है। 2021-22 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के बीच दर्ज की गई ये विकास दर उम्मीद से बेहतर है।
कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने दावा किया कि अर्थव्यवस्था का फिर से खड़ा होना तो दूर, यह अभी पटरी पर भी नहीं आई है।
सरकार ने मंगलवार 30 नवंबर को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए देश की GDP के आंकड़े जारी कर दिए हैं।
इकोरैप में राष्ट्रीय कृषि बाजार (इनाम) पर एमएसपी को नीलामी के निचले मूल्य में बदलने की संभावना तलाशने का भी सुझाव दिया गया।
इक्रा और यूबीएस ने अनुमान बढ़ाने के लिये केंद्र और राज्य सरकार द्वारा खर्च में वृद्धि, उम्मीद से तेज रिकवरी, कृषि क्षेत्र से बेहतर संकेतों को वजह बताया है।
केंद्रीय बैंक अगले वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में नीतिगत दरों में 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है।
देबरॉय ने कहा कि क्षमता उपयोग में सुधार के साथ अगले छह माह में निवेश में और वृद्धि होने की संभावना है।
रिजर्व बैंक ने पिछले महीने ही चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि के अनुमान को 9.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा था।
ब्रिटेन के ग्लासगो में संयुक्त राष्ट्र सीओपी-26 के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रधानमंत्री मोदी 2070 तक शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य दिया था
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