आरबीआई गवर्नर (Shaktikanta Das) ने कहा कि हम कीमतों को कम करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हालांकि सकल मुद्रास्फीति खाद्य कीमतों के झटकों को लेकर संवेदनशील बनी हुई है।
पिछले दिनों घरेलू एलपीजी (LPG gas cylinder prices) की कीमतों में 200 रुपये प्रति सिलेंडर की कटौती कर दी गई। इससे एलपीजी की मुद्रास्फीति सितंबर में घटकर (-) 12.7 प्रतिशत हो गई। अगस्त में यह 4.2 प्रतिशत थी।
त्योहारों के दौरान आम लोगों के किचन का बजट नहीं बढ़े, इसके लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इससे खाने-पीने के सामान की कीमत नहीं बढ़ने की उम्मीद है। अगर ऐसा होगा तो यह आम लोगों के लिए बड़ी राहत होगी।
बाजार की गति बरकरार रखने के लिए सभी की नजरें आने वाले कुछ महीनों में त्योहारी मांग पर टिकी हैं। चुनाव के बाद स्थिर सरकार और आर्थिक नीतियों की निरंतरता बाजार को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि यह विमान ईंधन कीमत में लगातार चौथी बढ़ोतरी है। किसी एयरलाइन की परिचालन लागत में 40 प्रतिशत हिस्सा एटीएफ का बैठता है। एक जुलाई को एटीएफ के दाम 1.65 प्रतिशत या 1,476.79 रुपये प्रति किलोलीटर बढ़े थे। चार बार में विमान ईंधन कीमतों में रिकॉर्ड 29,391.08 रुपये प्रति किलोलीटर की बढ़ोतरी हुई है।
पाकिस्तान पूरी तरह कंगाल हो चुका है। अब इस देश में गृहयुद्ध की नौबत है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और गिलगिट-बाल्टिस्तान के लोग अपने क्षेत्र को भारत में मिलाने की मांग कर रहे हैं। महंगाई ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी है। यहां पेट्रोल 331 रुपये और डीजल 329 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
बीते साल के मुकाबले इनकम और सेविंग में सुधार इस साल जरूर हुआ है। लोग सरवाइव करने के खर्च से लड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें खर्च में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
योजना के तहत दाल की कीमत 60 रुपये और प्याज की कीमत 25 रुपये प्रति किलोग्राम है।
सरकार जिंस,गेहूं और चावल की कीमतों में तेजी को रोकने के लिए कदम उठा सकती है। इससे खाद्य मुद्रास्फीति (Inflation) को थोड़ा कम रखने में मदद मिलेगी।
पाकिस्तान में मंहगे बिजली बिल और आसमान छूते खाद्य वस्तुओं के दाम ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। व्यापारी भी महंगे बिजली बिलों से तंग आ गए हैं। इसलिए पाकिस्तानी व्यापारियों ने शनिवार को देशव्यापी हड़ताल की। इस दौरान सभी प्रतिष्ठान और दुकानों को बंद रखा गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर अपने गुस्से का इजहार किया।
रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा,‘‘हम उम्मीद करते हैं कि सितंबर से खुदरा महंगाई घटने की शुरुआत हो जाएगी।
मंत्रालय ने जुलाई महीने की अपनी मासिक आर्थिक समीक्षा में कहा कि आगे चलकर घरेलू खपत तथा निवेश की मांग से वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है।
मंत्रालय ने कहा कि टमाटर, हरी मिर्च, अदरक और लहसुन जैसी वस्तुओं की कीमतें 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ीं। इसलिए कुछ विशिष्ट वस्तुओं की कीमतों में असामान्य वृद्धि के कारण जुलाई 2023 में खाद्य मुद्रास्फीति उच्च रही।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लोगों को राहत देने के लिए करीब पांच टन टमाटर का आयात किया है। इसकी बिक्री कल यानी गुरुवार से 50 रुपये प्रति किलोग्राम के रियायती भाव पर की जाएगी।
Inflation Tomato: देश में महंगाई तेजी से बढ़ रही है। आम आदमी की थाली से सब्जी और जेब से पैसे दोनों गायब हो रहे हैं। अब इस आंकड़े ने एक नई चिंता पैदा कर दी है।
शक्तिकांत दास ने उम्मीद जताई कि बाजार में नई फसल की आवक शुरू होने के साथ स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि जुलाई में मानसून और खरीफ की बुवाई में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है।
देश में गेहूं और चावल की महंगाई को देखते हुए सरकार ने अनाज की एक और बड़ी खेप खुले बाजार में बेचने का फैसला किया।
पिछले महीने टमाटर की कीमत में 233 प्रतिशत की वृद्धि से थाली की लागत में बड़ी बढ़ोतरी हुई।
इस साल के आखिर में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए मुद्रास्फीति को काबू में रखना सरकार के लिए एक राजनीतिक प्राथमिकता भी होगी।
Villagers Retail Inflation: खुदरा महंगाई से जुड़ी नई अपडेट सामने आ गई है, जो किसानों के लिए चिंता का विषय है। मई की तुलना में जून में महंगाई बढ़ी है।
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