हमेशा उसी निवेश विकल्प में पैसा लगाएं जिसे आप अच्छी तरह समझते हों और कभी भी किसी और की राय के आधार पर निवेश न करें।
Financial Tips : 10-20 वर्षों में बड़ा फंड बनाने के लिए अपनी मंथली इनकम का 40% बचाएं और निवेश करें। अपने पोर्टफोलियो का 40% म्यूचुअल फंड या शेयरों में रखें और 12% औसत वार्षिक रिटर्न का लक्ष्य रखें।
मौजूदा बाजार की गिरावट से घबराएं नहीं। यह समय एसआईपी जारी रखने का है। बस सही फंड चुनें, एसेट्स को दोबारा बैलेंस करें और लंबी अवधि के लिए निवेश करें।
अपग्रेड होने के बाद हर बस टर्मिनल में ऑटोमैटिक टिकटिंग सिस्टम, वास्तविक समय के शेड्यूल के लिए डिजिटल डिस्प्ले, एसी वेटिंग लाउंज, चार्जिंग स्टेशन, एस्केलेटर, लिफ्ट और उन्नत सुरक्षा उपायों के साथ आरामदायक बैठने की सुविधा होगी।
वित्तीय लक्ष्य हासिल करना जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और मौजूदा बाजार में उतार-चढ़ाव के साथ, एक सुरक्षित योजना में निवेश करना अहम है जो गारंटी रिटर्न प्रदान करता है।
हर कोई बाजार की अस्थिरता का सामना नहीं कर सकता है, और अगर आपने यह समझ लिया है, तो आपको उसी के मुताबिक काम करने की जरूरत है।
सुकन्या समृद्धि योजना, बेटियों के लिए चलाई जा रही एक निवेश स्कीम है। इस स्कीम में सिर्फ और सिर्फ बेटियों के ही खाते खुल सकते हैं, जिनकी उम्र 10 साल से कम है। इस स्कीम के तहत हर साल एकमुश्त राशि जमा की जाती है। आप इस स्कीम को सालाना 250 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं।
नुमालीगढ़ रिफाइनरी ने 10,711 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा है, ‘‘एडवांटेज असम के पहले दिन कुल 1.89 लाख करोड़ रुपये निवेश प्रस्तावों को लेकर 114 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
भारत की अमृत युवी पीढ़ी के लिए कौशल विकसित करने में सरकार का अहम रोल होगा। मध्य प्रदेश में बेहतर इन्फ्रास्ट्र्क्चर मध्य प्रदेश में बन चुका है। पारदर्शी शासन ने निवेश के लिए काफी लोगों को आकर्षित किया है।
मुख्यमंत्री ने 60 से ज्यादा देशों के मिशन प्रमुखों और राजदूतों, विदेशी व्यापार प्रतिनिधिमंडलों और देश के उद्योग जगत के नेताओं की मौजूदगी में कहा, ‘‘ मैं आज आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि हम असम में इंडस्ट्री की स्थापना के लिए सबसे अच्छा काम और अनुकूल माहौल सुनिश्चित करेंगे। कृपया यहां आएं और निवेश करें।’
गौतम अडाणी ने मध्य प्रदेश में 1.10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया तो विनीत मित्तल ने भी राज्य में 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। यहां हम जानेंगे कि मध्य प्रदेश में ऐसा क्या है कि देश-दुनिया के निवेशक यहां निवेश करने के लिए इतने उत्साहित नजर आ रहे हैं।
इन्वेस्ट पंजाब पहल के तहत पंजाब में पिछले ढाई साल में करीब 86,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है। इस निवेश से राज्य में करीब 4 लाख नौकरियां पैदा होंगी। देशभर से कई जानी-मानी कंपनियां पंजाब में निवेश कर रही हैं। वे राज्य में अपनी फैक्ट्रियां और ऑफिस खोल रही हैं।
टाटा स्टील का लुधियाना के सेकेंडरी स्टील सेक्टर में 2600 करोड़ रुपये का निवेश आया है। सनातन पॉलीकॉट का फतेहगढ़ साहिब में मैन मेड फाइबर सेक्टर में 1600 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट आया है। नाभा पावर (L&T) ने पटियाला के पावर सेक्टर में 641 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
ग्रीन स्टांप पेपर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार 2023 में लेकर आई थी। राज्य सरकार के अनुसार, उद्योगपतियों को ग्रीन स्टांप पेपर के साथ अप्लाई करने पर नए इंडस्ट्रीयल प्रोजेक्ट्स के लिए 2 सप्ताह के अंदर क्लीयरेंस मिल जाता है।
मुंबई में इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ को 6000 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। इस पर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के शुभारंभ के बाद से इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश मिला है।
लक्ष्मी डेंटल ने अपने नए इश्यू के साइज को 150 करोड़ रुपये से घटाकर 138 करोड़ रुपये कर दिया है और ओएफएस (बिक्री के लिए प्रस्ताव) के आकार को 1.28 करोड़ इक्विटी शेयरों से बढ़ाकर लगभग 1.31 करोड़ शेयर कर दिया है।
एनआरआई अपने एनआरई या एनआरओ खातों के माध्यम से नियमित बैंकिंग चैनलों का उपयोग करके भारत में म्यूचुअल फंड में सीधे निवेश कर सकते हैं।
अमेरिकी राजदूत ने चाय और गुड़ के रसगुल्ले का लुत्फ उठाते हुए कहा कि उन्हें चाय बहुत पसंद है। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ में ऊर्जा, आईटी और रक्षा क्षेत्र में अमेरिकी निवेश को बढ़ावा देने का वादा किया।
गारंटीड इनकम प्लान में आपके पास पेमेंट के लचीले भुगतान विकल्प मिलते हैं, ताकि पॉलिसीधारक अपनी वित्तीय जरूरतों और जरूरतों के आधार पर आय भुगतान की फ्रीक्वेंसी चुन सकते हैं।
टैक्स नियोजन की बात करें तो हमेशा सक्रिय रहने की कोशिश करें। आखिरी समय की भागदौड़ से बचें, क्योंकि इससे निवेश के गलत फैसले और गलतियां हो सकती हैं। वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही अपनी टैक्स प्लानिंग की शुरुआत करें।
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