जीतन राम मांझी के इस बयान पर महागठबंधन के नेता मुंह नहीं खोल रहे, लेकिन बीजेपी के प्रवक्ता अरविंद सिंह ने कहा कि मांझी की मांग सही है और महागठबंधन को उनकी मांग को मान लेना चाहिए।
दिल्ली से पटना आने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि विपक्षी एकजुटता को लेकर सभी पार्टियों के नेताओं के साथ चर्चा हो रही है, आगे भी चर्चा होगी।
''प्रथम मुख्यमंत्री कृष्ण सिंह के बाद, नीतीश कुमार एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने बिहार के लोगों के कल्याण के लिए अनुकरणीय कार्य किया है। इसलिए, वह नोबेल पुरस्कार के हकदार हैं। मैं भी यही मांग करता हूं।''
बिहार विधानसभा में हनुमान चालीसा पाठ पर जीतनराम मांझी ने विवादित बयान दिया है। जीतनराम मांझी ने कहा है-राम से ज्यादा कर्मठ थे रावण, उनपर अन्याय हुआ है।
उपेंद्र कुशवाहा के बाद अब जीतनराम मांझी ने महागठबंधन सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मांझी ने बिना नाम लिए तेजस्वी यादव पर तंज कसा है और कहा है कि मेरा बेटा ज्यादा पढ़ा-लिखा है वो क्यों नहीं सीएम बन सकता।
बिहार के पूर्व सीएम ने कहा कि बिहार में ताड़ी से लाखों लोगों का घर चलता है। न सिर्फ पासी बल्कि अन्य समाज के लोगों को भी इससे रोजगार मिलता है। ऐसे में मैं ताड़ी को बंद करने के पक्ष में नहीं हूं।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी हमेशा हिंदुओं के खिलाफ बयान देते आ रहे हैं। अब फिर हिंदुओंके भावनाओं को ठेस पहुंचान का काम किया है। बीजेपी ने जीतन राम मांझी के बयान पर पलटवार किया है।
RJD नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार की बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में वापसी की अटकलों को खारिज कर दिया है।
Bihar Political Crisis एनडीए (NDA) के घटक दल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने बिना शर्त नीतीश कुमार और महागठबंधन को समर्थन देने का ऐलान किया है।
Bihar News: पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि मैंने सरकार के सख्त शराब नीति का पुरजोर तरीके से विरोध किया। जिसका नतीजा रहा कि सरकार ने शराबबंदी कानून में तीन बार संशोधन किया।
Bihar liquor ban: जीतन राम मांझी ने कहा, डॉक्टर भी थोड़ी सी शराब दवा के रूप में लेने के लिए बोलते हैं। मांझी ने कहा कि हमारे वर्ग के भी लोग शुरू से ही शराब बनाने के काम में रहे हैं लेकिन मैंने कभी भी शराब को हाथ नहीं लगाया।
Jitan Ram Manjhi in Vaishno Devi: कभी खुद को नास्तिक बताने वाले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को लगता है भगवान में आस्था दिखी है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री वैष्णो देवी मंदिर में जाकर पूजा अर्चना करते नजर आए हैं।
अक्सर राम पर दिए अपने बयानों के लिए सुर्खियों में रहने वाला बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने अब देश में धार्मिक जुलूसों पर रोक लगाने की वकालत की है। हाल ही में मांझी ने राम को नकारने वाला बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं भगवान राम को नहीं मानता।
पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा किया है।
जीतन राम मांझी सहित उनके परिवार के कई सदस्यों को पिछले कुछ दिनों से खांसी और सर्दी थी। रविवार को सुरक्षा के मद्देनजर कोरोना की जांच करवाई गई, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को आई है। मांझी इस समय अपने पूरे परिवार के साथ गया जिले के अपने पैतृक गांव महकार में हैं।
रिजवान ने कहा, नीरज कुमार बबलू कौन हैं, जो जीतन राम मांझी को राजनीति से संन्यास लेने और राम का नाम जपने का सुझाव देते हैं।
नीरज बबलू ने जीतन राम मांझी पर अब उम्र का असर होने की वजह से उन्हें सन्यास ले लेने और राम नाम जपने की सलाह दे दी।
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के ब्राह्मणों को लेकर अपशब्द बोले हैं। बढ़ते विवाद के बाद अब उन्होंने सफाई दी है।
बगहा के हर्नाटांड़ में भारतीय थारू कल्याण महासंघ द्वारा आयोजित अनुसूचित जनजाति सम्मेलन में जीतनराम मांझी शिरकत कर रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के साथ बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन भी शामिल थे।
उन्होंने कहा कि यह उनकी राजनीति की अंतिम पारी है। हम अपने क्षेत्र के विकास के लिए करना चाहते है और कई विकास कार्यो को किया भी है।
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