कारगिल युद्ध को लेकर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते थे कि पाकिस्तानी फौज कारगिल पर हमला करे। मगर इस प्लान का विरोध करने के कारण उन्हें पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने पद से हटा दिया था।
फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राशिम बाली द्वारा सूबेदार मेजर त्सेवांग मुरोप के निधन पर शोक व्यक्त किया है। बता दें कि राशिम बाली ने सूबेदार मेजर के घर जाकर परिजनों का सांत्वना देने का भी काम किया।
Kargil Vijay Diwas: क्या आप जानते हैं कि पाकिस्तान के खिलाफ हुए करगिल युद्ध में इजराइल ने भी भारत की खूब मदद की थी। इस मदद ने भारतीय लड़ाकों को दुश्मन के खिलाफ मजबूत बना दिया था और पाकिस्तानी सैनिकों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई थी।
26 जुलाई को 1999 में कारगिल युद्ध में भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाया था। युद्ध में बलिदान देने वाले देश के वीर सपूतों की याद में हर साल कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। करीब दो महीने से अधिक वक्त तक चले कारगिल युद्ध में 527 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे, जबकि 1,300 से अधिक घायल हुए थे।
पाकिस्तान की हरकतों से दिलीप बेहद नाराज़ थे, लेकिन 1999 में जब पाकिस्तान ने कारगिल में भारत पर हमला किया तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था।
नवाज शरीफ ने कहा है कि 1999 का करगिल युद्ध पाकिस्तानी सेना ने नहीं, बल्कि कुछ जनरलों ने शुरू किया था।
जिस समय भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध चल रहा था उस समय अख्तर के सा इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट टीम नॉटिंघमशायर ने उनके साथ 175,000-पाउंड ( लगभग 1 करोड़ 71 लाख ) की डील करनी चाही थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में सबसे पहले करगिल विजय दिवस का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज 26 जुलाई है, आज का दिन बहुत खास है। आज ‘कारगिल विजय दिवस’ है।
आज हम इसी कारगिल युद्ध की पूरी कहानी बता रहे हैं, हर दिन, हर रात हमारे वीर सैनिकों ने कैसे एक एक पहाड़ी से नापाक पाकिस्तानियों को खदेड़ कर तिरंगा फहराया था।
21 Years of Kargil War: हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में जन्मे कैप्टन विक्रम बत्रा ने 1996 में भारतीय सेना की संयुक्त रक्षा परीक्षा पास की और सेना में कमिशन लेकर लेफ्टिनेंट बने।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से भारतीय सेना में भर्ती हुए राइफलमैन (अब सूबेदार) संजय कुमार के शौर्य की गाथा पढ़कर आप भी रोमांचित हो उठेंगे।
कारगिल विजय दिवस के 26 जुलाई को 21 साल पूरे हो गए है। इस 1999 में लड़े गए युद्ध में भारतीय सेनिकों ने अपने पराक्रम की उस अमर कहानी को लिखा जिसपर हर भारतीय गर्व महसूस करता है।
1999 करगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाने के साथ ही भारतीय वायुसेना में तीन दशक से अधिक समय तक सेवा में रहने वाले लड़ाकू विमान मिग -27 विमान शुक्रवार को आखिरी बार उड़ान भरेंगे।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को विशेष अदालत ने देशद्रोह के मामले में मंगलवार को मौत की सजा सुनाई। मीडिया में आ रही खबरों में यह जानकारी दी गई।
सोचने वाली बात ये है कि जनरल क़मर जावेद बाजवा ने अपनी सर्विस के दौरान ऐसा कौन सा कमाल दिखाया जिसकी वजह से उन्हें इन तमग़ों से नवाज़ा गया है? सच्चाई यह है कि पाकिस्तान की सेना में मेडल पहनना एक ज़बरदस्ती वाली रस्म है।
पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि करगिल विजय भारत के पराक्रम का प्रतीक थी और देश के प्रति सशस्त्र बलों की समर्पण भावना के साथ राष्ट्र की सुरक्षा अभेद्य रहेगी।
20 Years of Kargil War: हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में जन्मे कैप्टन विक्रम बत्रा ने 1996 में भारतीय सेना की संयुक्त रक्षा परीक्षा पास की और सेना में कमिशन लेकर लेफ्टिनेंट बने।
20th Kargil Vijay Diwas के मौके पर सुनिए देशभक्ति के रंग में रंगे ये गाने। हम आपको दे रहे हैं पूरी लिस्ट-
करगिल की लड़ाई अपने आप में कई राज छुपाए हुए है। उस समय क्या हुआ था ये कोई नहीं जानता। हर कोई अलग-अलग अंदाजा लगाता है। हम आज आपको बताने जा रहे हैं करगिल से जुड़े कुछ अहम राज जिन्हें जानकर आप हैरान हो जाएंगे।
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