मोबाइल पर चढकर शख्स ने फोन पर बात की और वहां से वह फोटों खींचने लगा। नीचे खड़े लोग हैरान रह गए कि कहीं वह नीचे न गिर जाए। घंटों की मशक्कत के बाद उसे नीचे उतारा गया।
मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक युवती रविवार को गांव में लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गई जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
मोबाइल टावर से निकलने वाले EMF रेडिएशन को आप अब घर बैठे चेक कर सकते हैं। दूरसंचार विभाग ने इसकी जानकारी दी है। रेडिएशन का मानक तय सीमा में है या नहीं इसका भी आप पता लगा सकते हैं।
कोंडापल्ली गांव छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर तेलंगाना की सीमा के पास घने जंगलों में बना है। यहां टावर लगने से गांव के लोग बहुत खुश हुए और पारंपरिक तरीके से उसकी पूजा की।
टेलिकॉम कंपनियां कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए लगातार अपने टॉवर्स की संख्या बढ़ा रही हैं। कई बार जगह न मिलने पर कंपनियां टॉवर्स लगाने के लिए जगह को रेंट पर भी ले लेती हैं। इसके बदले जमीन के मालिक को हर महीने एक मुश्त रकम दी जाती है।
अगर आप भी मोबाइल टॉवर लगवाकर हर महीने मोटी कमाई करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए काम की खबर है। मोबाइल कॉल्स या फिर मैसेज में आने वाले मोबाइल टॉवर इंस्टालेशन ऑफर को लेकर TRAI की तरफ से अलर्ट जारी किया गया है।
साहस और सनक में कितना फर्क होता है आपको इस वायरल वीडियो में देखने को मिल जाएगा। जहां एक युवक मोबाइल के टावर के टॉप पर चढ़कर गुटखा खाते दिखा। अब इसे साहस तो बिल्कुल नहीं कहा जा सकता, इसे सनक कहना ही ठीक होगा।
Mahkumbh 2025: महाकुंभ के दौरान लोगों को अपने परिजनों से बात करने में किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए दूरसंचार विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। संगम तट पर सैकड़ों नए मोबाइल टावर लगाए गए हैं, ताकि कॉल ड्रॉप की समस्या न करना पड़े।
Mobile Tower Installation Fraud: TRAI ने मोबाइल टावर इंस्टॉलेशन के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े को लेकर लोगों को आगाह किया है। दूरसंचार नियामक ने अपनी वॉर्निंग में लोगों को इस झांसे में नहीं फंसने के लिए कहा है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मोबाइल टावर से रिमोट रेडियो यूनिट जैसे महंगे उपकरण को चुराकर विदेश भेजनेवाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब तक 52 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
दूरसंचार विभाग ने एयरपोर्ट पर बेहतर कनेक्टिविटी के लिए टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश जारी किया है। टेलीकॉम कंपनियों को एयरपोर्ट पर इन-बिल्डिंग सॉल्यून इंस्टॉल करने के लिए निर्देश दिया है।
अथॉरिटी के अनुसार मानकों के तहत आवासीय परिसरों में दूरसंचार टावर लगाने की इजाजत नहीं है। लेकिन इस आदेश से टेलिकॉम कंपनियों की भी नींद उड़ी हुई है।
बताया जा रहा है कि जिस मोबाइल टावर की चोरी हुई है वह काफी दिनों से बंद पड़ा था। कंपनी की ओर से जब इसका निरीक्षण किया गया तब टावर सहित उसके सभी उपकरण गायब पाए गए।
मोबाइल टावरों से निकलने वाले रेडिएशन का हमारे स्वास्थ्य पर कितना असर पड़ता है? इसको लेकर अलग-अलग राय है। कुछ एक्सपर्ट इसे हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताते हैं तो कुछ इस बात से इनकार करते हैं कि इससे मानव जीवन पर कोई असर पड़ता है। एक रिपोर्ट में नई जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है ये एग्रीमेंट लेटर मोबाइल वाई-फाई डिजिटल इंडिया की तरफ से भेजा गया है। वायरल हो रहे एग्रीमेंट लेटर में एडवांस में 30 लाख रुपये भुगतान और 20 साल का एग्रीमेंट की बात कही गई है, लेकिन क्या ऐसा सच में है?
तिहाड़ जेल में 3 बड़े मोबाइल टावर लगाए गए हैं, ये 3 बड़े टावर सिग्नल देने के लिए नहीं बल्कि जैमर के लिए लगाए गए हैं। ये ऑर्डिनरी जैमर की तरह नहीं बल्कि हाईटेक टेक्नॉलजी से लैस तीन टावर हैं। ऑर्डिनरी जैमर एक लिमिटेड एरिया में फोन के सिग्नल को रेस्ट्रिक्ट करता है, जबकि ये तीन टावर पूरे तिहाड़ जेल में किसी भी मोबाइल फोन सर्विस को रोक देंगे।
मोबाइल टॉवर से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव के बारे में प्रचलित धारणाओं और गलत सूचनाओं का निराकरण करने के लिए लोगों तक सही एवं आधिकारिक जानकारी पहुंचना जरूरी है।
टावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (ताइपा), जिसके सदस्यों में इंडस टावर्स और अमेरिकन टॉवर कॉरपोरेशन शामिल हैं ने कहा कि कंपनियां नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में कई मुद्दों का सामना कर रही हैं।
रिलायंस जियो इंफोकॉम ने मुख्यमंत्री और डीजीपी को लिखे पत्र में कहा है कि राज्य में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा किसान प्रदर्शन की आड़ में उसके मोबाइल टॉवर्स को नुकसान पहुंचाकर सेवा में बाधा उत्पन्न की जा रही है।
पंजाब में कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का गुस्सा राज्य में निजी कंपनियों के मोबाइल टावर पर फूटा है।
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