राजधानी दिल्ली के वेलकम इलाके में आज एक चार मंजिला इमारत ढह गई। इमारत के मलबे में दबने से 6 लोगों की मौत हो गई है।
घर की छत गिरने के बाद चीख-पुकार मच गई। मुहल्ले के लोगों ने पुलिस को इस हादसे की जानकारी दी। दिल्ली अग्निशमन सेवा की टीम ने मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
सिक्किम में हुई लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की कई घटनाएं सामने आई हैं। बारिश के कारण सड़के टूठ गई हैं। इस कारण बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं चल पा रहे हैं। लोगों को बचाने के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है।
महाराष्ट्र से एक वीडियो सामने आया है, जहां नदी के बीच तीन लड़कियां एक ट्रॉली में फंसी दिखाई दे रही हैं। लेकिन जब एनडीआरएफ की टीम मौक पर नहीं पहुंच सकी तो गांव वालों ने खुद ही इस रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा कर लिया।
म्यांमार में गत शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप में एक शख्स को 5 दिन बाद जीवित निकाला गया है। इस घटना ने उस कहावत को एक बार फिर से चरितार्थ किया है, जिसमें कहा गया है, "जाको राखे साईंयां, मार सके न कोय।"
सुरंग में फंसे लोगों की तलाश में बचाव टीम को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुरंग के अंदर कुल 8 लोग फंसे हुए थे। 2 के शव निकाल लिए गए हैं। अब 6 लोगों की तलाश जारी है।
म्यांमार में भूकंप के 72 घंटे बीत जाने के बाद मलबे में दबे शवों के सड़ने से भीषण दुर्गंध फैलनी शुरू हो गई है, इससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है। साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन टीम के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
सरकारी खनन कंपनी ‘सिंगरेनी कोलियरीज’ के बचावकर्मी, खनिकों के साथ मिलकर उन स्थानों पर खुदाई कर रहे हैं, जिनकी पहचान लापता व्यक्तियों के संभावित ठिकानों के रूप में की गई है। केरल पुलिस के मानव अवशेष खोजी कुत्तों से भी मदद ली गई, जबकि हैदराबाद स्थित रोबोटिक्स कंपनी के रोबोट भी अभियान में जुटे हैं।
सुरंग हादसे के 11 दिन हो गए हैं। अब तक सुरंग के अंदर फंसे 8 लोगों को नहीं निकाला जा सका है। घटना स्थल पर राहत एवं बचाव कार्य लगातार चलाया जा रहा है।
14 मजदूरों को निकालने के साथ ही, शुक्रवार सुबह माना और बद्रीनाथ के बीच सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) शिविर पर हुए हिमस्खलन में फंसे 55 मजदूरों में से 47 को बचा लिया गया है। शुक्रवार रात तक 33 को बचा लिया गया था।
तेलंगाना नागरकुरनूल जिले में सुरंग हादसे में अंदर फंसे लोगों को बटाने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, तेलंगाना सरकार के एक मंत्री ने कहा है कि अंदर फंसे लोगों के बचने की संभावना बहुत कम है।
पांच साल का प्रह्लाद रविवार दोपहर बोरवेल में गिरा था। सोमवार तड़के उसे बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने बालक का शव डग अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने शनिवार को सोलंग वैली से अटल टनल तक फंसे सैकड़ों वाहनों और यात्रियों को सुरक्षित निकाला। मनाली के डीएसपी केडी शर्मा ने बताया कि खराब मौसम की चेतावनी के बाद ये वाहन फंस गए थे।
कोटपूतली के कितरपुरा गांव में सोमवार को एक साढ़े तीन साल की बच्ची बोरवेल में गिर गई। बच्ची को बचाने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
असम यूनिवर्सिटी के सिल्चर कैंपस में गर्ल्स हॉस्टल के पास एक विशालकाय अजगर दिखा। जिसके बाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने उस अजगर को पकड़ लिया और उसे वन विभाग को सौंप दिया।
हैदराबाद के रहने वाले गणेश इस हादसे के बाद बचाए गए 99 लोगों में शामिल हैं। उन्होंने कहा, मेरे दिमाग में एक पल के लिए यह विचार आया कि नौसेना की नाव हमारी नाव से टकरा सकती है, और अगले कुछ सेकंड में ऐसा ही हो गया।
मुंबई के गेटव ऑफ इंडिया के पास समंदर में एक भीषण हादसा देखने को मिला। यहां टक्कर के बाद नीलकमल नाम की नाव पानी में डूब गई, जिसमें 85 लोग सवार थे। बता दें कि इस हादसे पर अब नीलकमल नाव के मालिक का बयान आया है।
इंसानी बस्तियों में अजगरों का चले आना बहुत ही आम बात हो गई है। ऐसे में कभी-कभी ये अजगर अपने आप को मुसीबत में डाल लेते हैं। ऐसे ही मुसीबत में फंसे दो अजगरों का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
भावनगर के कोलियाद के पास मालेश्री नदी का जलस्तर बढ़ जाने के बाद वहां यात्रियों से भरी एक बस पानी के तेज बहाव में फंस गई। इतना ही नहीं उन लोगों को बचाने गया ट्रक भी पानी में ही फंस गया था।
केदारनाथ यात्रा के मार्ग पर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चौथे दिन भी जारी है। आज 373 लोगों को लिंचोली के लिए रवाना किया गया। यहां से यात्रियों को सुरक्षित हवाई मार्ग के जरिए निकाला जा रहा है।
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