अमेरिका से टैरिफ वार छिड़ने के बाद भारत और चीन ने अपने संबंधों को नया विस्तार देना शुरू कर दिया है। इससे एशिया में अमेरिकी का रणनीति और कूटनीति को बड़ा झटका लगा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेचैनी और बढ़ने वाली है। भारत, चीन और रूस आज एक मंच पर इकट्ठा हो रहे हैं। एससीओ समिट के दौरान मोदी, पुतिन और जिंनपिंग, तीनों नेताओं की मुलाकात ट्रंप की धड़कनें बढ़ाने के लिए काफी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 साल बाद शनिवार को चीन पहुंचे। वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में हिस्सा लेने आए हैं, लेकिन उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग से खास महत्व रखती है। इस बैठक में दोनों नेता भारत-चीन रिश्तों को सुधारने और वैश्विक स्थिरता लाने पर चर्चा करेंगे।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी की वजह से भारत-चीन के रिश्तों में नई गर्मजोशी आई है। व्यापार, कूटनीति और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में दोनों देश करीब आ रहे हैं। सीमा विवाद के बाद पहली बार रिश्तों में सुधार के संकेत दिखे हैं, जिससे आर्थिक सहयोग की नई संभावनाएं खुल रही हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन का दौरा करने जा रहे हैं। पीएम मोदी साल 2020 में गलवान में हुए सैन्य संघर्ष के बाद पहली बार चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस दौरान खुद पीएम मोदी का स्वागत करेंगे।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान और चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने उनकी यात्रा की तारीखों के बारे में जानकारी दे दी है। आइए जानते हैं पीएम मोदी की यात्रा का पूरा शेड्यूल।
चीन राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने एजेंडे के तहत तिब्बत का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तिब्बत में बौद्धिक धर्म में बदलाव और उस पर नियंत्रण के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाया।
PM नरेंद्र मोदी चीन की यात्रा पर जा सकते हैं। वह चीन में होने वाले SCO समिट में हिस्सा ले सकते हैं। गलवान झड़प के बाद पीएम मोदी की ये पहली चीन यात्रा होगी। भारत-अमेरिका ट्रेड वार के बीच ये यात्रा अहम साबित हो सकती है।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर चीन के दौरे पर हैं। जयशंकर ने इस दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की है। पिछले 5 वर्षों में जयशंकर की यह पहली चीन यात्रा है।
शी के सत्ता हस्तांतरण के बारे में अटकलें तब तेज हुईं जब सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने हाल ही में बताया कि सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के शक्तिशाली 24-सदस्यीय राजनीतिक ब्यूरो ने 30 जून को अपनी बैठक में पार्टी के संस्थानों के काम को लेकर नए नियमों की समीक्षा की।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और हॉवर्ड लुटनिक दोनों ने ही समझौते के बारे में कोई डिटेल साझा नहीं की है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दोनों ही नेता ब्राजील में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे।
पिछले सप्ताह दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण व्यापार संबंध और भी खराब हो गए हैं। इनके व्यापार संबंध 2024 में लगभग 600 अरब डॉलर के थे।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को बड़ा झटका लगा है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि देश की वायुसेना के पूर्व जनरल और जिनपिंग के काफी करीबी नेता की मौत हो गई है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशलमीडिया एकाउंट ट्रुथ सोशल पर चीन के साथ ट्रेड डील होने की बड़ी खबर दी है। उन्होंने लिखा है कि जिनेवा में हम चीन के साथ ट्रेड डील फाइनल होने की घोषणा करते हैं।
ट्रंप ने चीन पर पहले 34 प्रतिशत का टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जिसके बाद चीन ने भी अमेरिका पर 34 प्रतिशत का जवाबी टैरिफ लगा दिया था। यहां से दोनों देशों के बीच टैरिफ वॉर शुरू हो गया।
अमेरिका की ओर से टैरिफ झटका लगने के बाद मलेशिया, वियतनाम और कंबोडिया के साथ चीन अपने संबंधों को नया आयाम दे सकता है। इसी को लेकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दक्षिण पूर्व एशिया के तीन देशों का दौरा करेंगे।
बुधवार को जहां ट्रंप ने चीन पर 125 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने बाकी सभी देशों को नए टैरिफ रेट से 90 दिनों के लिए राहत दे दी।
चीन के जवाबी टैरिफ ने अमेरिका में खलबली मचा दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने इसे चीन का घबराहट वाला फैसला बताया है। उल्लेखनीय है कि चीन ने भी अमेरिका पर 34 फीसदी जवाबी टैरिफ लगा दिया है।
बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ के अनुसार, यूनुस ने चीनी उप-प्रधानमंत्री के सामने ‘वन चाइना नीति’ के प्रति बांग्लादेश के दृढ़ समर्थन और प्रतिबद्धता का उल्लेख किया तथा कहा कि ढाका को इस बात पर गर्व है कि वह चीन की ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल में शामिल होने वाला पहला दक्षिण एशियाई देश है।
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