एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचने के लिए अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध हैं। लोग ट्रेन से भी सफर करते हैं। जिनके पास खुद की बाइक या फिर कार होती है, वो उससे भी सफर करते हैं। वहीं कई सारे लोग मेट्रो या फिर बस से भी सफर करते हैं। आप भी बस से अलग-अलग समय पर ट्रैवल करते ही होंगे। आपने बस में सफर करते समय कई अलग-अलग चीजों को नोटिस किया होगा मगर क्या आपने कभी यह नोटिस किया है कि अधिकतर बसों में लगे सीट गहरे रंग के ही होते हैं? क्या कभी यह जानने की कोशिश की है कि बसों की सीटों का रंग गहरा ही क्यों होता है?
गहरे रंग की क्यों होती हैं सीटें?
आइए आपको बताते हैं कि अधिकतर बसों की सीटों का रंग हमेशा गहरा ही क्यों होता है। आपको बता दें कि सीटों का रंग गहरा इसलिए होता है ताकि सीट की गंदगी, उस पर लगे हल्के दाग-धब्बे आसानी से छिप जाए और यात्रियों को सीट साफ लगे। दरअसल बस में एक दिन में कई सारे यात्री सफर करते हैं तो सीट का साफ रहना तो मुमकिन नहीं है और हर दूसरे दिन सीट को धोया भी नहीं जा सकता है इसलिए उनका रंग ऐसा चुना जाता है ताकी गंदगी को छिपाया जा सकता है।
सीट लंबे समय तक टिके
इन कारणों के अलावा एक और कारण है जिसकी वजह से सीट गहरे रंग के चुने जाते हैं। दरअसल प्लास्टिक की तुलना में गहरे रंग के कपड़े लंबे समय तक चलते हैं और इसमें हल्की टूट-फूट को आसान से छिपाया भी जा सकता है। इस वजह से बस के मालिकों को समय-समय पर सीट बदलने की जरूरत नहीं पड़ती है जिससे उनका खर्चा बचता है। तो बस की सीट का गहरा रंग चुनने के पीछे यह भी एक कारण है।
नोट: इस आर्टिकल में आपको दी गई पूरी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट्स के आधार पर है और इंडिया टीवी ऊपर दी गई जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।
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