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24 घंटे के भीतर पृथ्वी पर गिर सकता है चीन का स्पेस स्टेशन, खतरे में यह शहर

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Apr 01, 2018 05:14 pm IST,  Updated : Apr 01, 2018 05:15 pm IST

चीन की निष्क्रिय हो चुकी अनियंत्रित अंतरिक्ष लैब अगले 24 घंटे में पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करते ही खगोलीय आग का गोला बन जाएगी, जिसके ऑस्ट्रेलिया से लेकर अमेरिका तक कहीं भी गिरने की आशंका है।

 China space station may fall within 24 hours- India TV Hindi
 China space station may fall within 24 hours

बीजिंग: चीन की निष्क्रिय हो चुकी अनियंत्रित अंतरिक्ष लैब अगले 24 घंटे में पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करते ही खगोलीय आग का गोला बन जाएगी, जिसके ऑस्ट्रेलिया से लेकर अमेरिका तक कहीं भी गिरने की आशंका है। चीनी अधिकारियों ने आज इसकी जानकारी दी। चीन के अंतरिक्ष प्राधिकरण ने आज कहा कि विघटन से पहले इसकी गति 26,000 किलोमीटर प्रति घंटा से भी ज्यादा है। चीनी अंतरिक्ष केंद्र ने एक बयान में कहा कि टियांगोंग-1 के कल अनियंत्रित ढंग से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने की संभावना है, जो यूरोपीयन स्पेस एजेंसी के अनुमानों के जैसा ही है। चीनी अधिकारियों ने इससे पहले कहा था कि आठ टन के इसस्पेस क्राफ्ट के नीचे गिरने से किसी नुकसान की आशंका नहीं है। इसके बहुत ही तेज गति से बिखरने पर यह चमकीले आग के गोले में तब्दील हो जाएगा जो उल्का पिंड जैसा दिखेगा। (धरती पर जल्द ही गिरने वाला है चीन का स्पेस स्टेशन, 38 शहरों पर सबसे ज्यादा खतरा)

ईएसए ने कहा, ‘‘ यह बहुत ही तीव्र गति से धरती के वायुमंडल में प्रवेश करेगा और विखंडित प्रयोगशाला का मलबा न्यूजीलैंड से लेकर अमेरिकी मिडवेस्ट के बीच कहीं भी गिर सकता है। चाइना मैन्ड स्पेस इंजीनियरिंग ऑफिस ने इससे पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट वी चैट पर कहा, ‘‘ लोगों को चिंता करने की जरुरत नहीं है।’’ उसमें कहा गया, ‘‘ यह अंतरिक्ष यान पृथ्वी से नहीं टकराएगा जैसा कि विज्ञान- काल्पनिक फिल्मों में दिखाया जाता है, लेकिन यह चमकीले पदार्थ( लगभग उल्का पिंड जैसा) में तब्दील हो जाएगा और पृथ्वी की तरफ आने के क्रम में यह पूरे आकाश में एक टूटते तारे की तरह घूमते हुये दिखाई देगा।’’

टियांगोंग-1- ‘‘ हैवेनली पैलेस’’ को सितंबर 2011 में कक्ष में स्थापित किया गया था, जो चीन का अपना एक अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में अति महत्त्वपूर्ण कदम था। इस स्थिति के लिए लोग सोशल मीडिया पर चीनी सरकार की आलोचना कर रहे हैं।

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