तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने परमाणु समझौते के मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप को बड़ी धमकी दी है। रूहानी ने सोमवार को कहा कि परमाणु समझौते से हाथ खींचने पर अमेरिका पछताएगा और अगर ऐसा होता है तो ईरान ‘एक हफ्ते के भीतर’ इस पर जवाब देगा। तेहरान में नेशनल न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी डे के अवसर पर एक सम्मेलन में रूहानी ने कहा, ‘समझौते का उल्लंघन पहले हम नहीं करेंगे लेकिन उन्हें यह निश्चित ही पता होना चाहिए कि अगर वह ऐसा करेंगे तो उन्हें इस पर पछतावा होगा।’
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर नई और सख्त पाबंदियां नहीं लगाए जाने की स्थिति में 12 मई तक परमाणु समझौते को खत्म करने और नए सिरे से पाबंदियां लगाने की धमकी दी थी। रूहानी ने धमकी को खारिज करते हुए कहा, ‘अमेरिका की सत्ता में आने के बाद वह व्यक्ति 15 महीने से दावे कर रहा है और उसके व्यवहार और टिप्पणियों में काफी उतार-चढ़ाव आया है। लेकिन JCPOA (परमाणु समझौता) की बुनियाद इतनी मजबूत है कि दबाव के इन 15 महीनों में भी यह ढांचा मजबूत बना रहा।’
समझौते के अन्य साझेदारों ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, चीन, रूस और यूरोपीय संघ सभी ने माना है कि ईरान अपने वायदे का पक्का रहा है। ईरान इसका अनुपालन कर रहा है या नहीं इसकी निगरानी का जिम्मा अंतर्राष्ट्रीय आणविक ऊर्जा संघ को सौंपा गया था, उसका भी यही मानना है। रूहानी ने कहा, ‘किसी दिन JCPOA को नुकसान पहुंचता है तब भी दुनिया के सामने हम एक ऐसे देश के तौर पर विजेता के रूप में होंगे जो अपने वायदे पर कायम रहा। और अगर वह अपने हाथ वापस खींचते हैं तो इसका मतलब होगा कि वह अपनी बात के पक्के नहीं हैं।’