नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में लेफ्ट विंग के छात्रों द्वारा की गई विवादित नारेबाजी के बाद अब कैंपस में तनाव बढ़ गया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और नारेबाजी करने वालों को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी कर रही है। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विवादित नारेबाजी के खिलाफ कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया। JNU के कुछ शिक्षकों के एक गुट ने FIR का विरोध करते हुए इसे विश्वविद्यालय की छवि खराब करने की साजिश बताया है।
JNU में छात्रों ने लगाए थे विवादित नारे
5 दिसंबर को उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज होने के बाद JNU में लेफ्ट विंग के छात्रों ने विवादित नारेबाजी की थी। सोमवार रात साबरमती हॉस्टल के बाहर देर रात तक यह नारेबाजी चलती रही। इसमें शरजील इमाम और उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाए गए। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी आपत्तिजनक नारे लगाए गए। इस घटना के बाद JNU प्रशासन ने शिकायत दर्ज कराई थी। JNU के मुख्य सुरक्षा अधिकारी नवीन यादव ने वसंत कुंज नॉर्थ थाने में जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के 4 पदाधिकारियों और अन्य छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दी।
हो सकती है आरोपियों की गिरफ्तारी
नवीन यादव ने जिन छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दी थी उनमें छात्रसंघ अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपिका बाबू, महासचिव सुनील यादव और संयुक्त सचिव दानिश अली शामिल हैं। पुलिस ने कानूनी सलाह लेने के बाद बुधवार देर रात केस दर्ज कर लिया। अब पुलिस इन चारों को नामजद करते हुए FIR में शामिल कर चुकी है। जल्द ही उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस भेजा जाएगा और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी हो सकती है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि विवादित नारेबाजी करने वालों को जेल भेज देना चाहिए।
विवादित नारेबाजी में कौन-कौन शामिल?
पुलिस और प्रशासन की शिकायत के अनुसार, नारेबाजी में ये छात्र शामिल थे:
- अदिति मिश्रा - प्रेसिडेंट, JNUSU
- गोपिका बाबू - वाइस प्रेसिडेंट, JNUSU
- सुनील यादव - जनरल सेक्रेटरी, JNUSU
- दानिश अली - स्टूडेंट
- शाद आज़मी - स्टूडेंट
- महबूब इलाही - स्टूडेंट
- कनिष्क - स्टूडेंट
- पाकीज़ा ख़ान - स्टूडेंट
- शुभम - स्टूडेंट
ABVP का विरोध प्रदर्शन, शिक्षक भी मैदान में
विवादित नारेबाजी के बाद ABVP सक्रिय हो गया है। ABVP की छात्र इकाई ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया और माओवाद के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने इस घटना को विश्वविद्यालय की गरिमा पर हमला बताया है और सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, JNU के शिक्षकों के एक गुट ने नारेबाजी करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR का विरोध किया है। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय की छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई छात्रों की अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।



