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Pollution Ka Solution: दिल्ली की हवा साफ करने के लिए MCD का मेगा प्लान, मेयर राजा इकबाल सिंह का दावा- 210 मेकेनिकल स्वीपर्स से होगी सफाई

 Written By: Jaya Dwivedie @JDwivedie
 Published : Jan 15, 2026 02:33 pm IST,  Updated : Jan 15, 2026 05:07 pm IST

दिल्ली में प्रदूषण अब स्थायी संकट बन चुका है, जो स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है। इंडिया टीवी के #pollutionkasolution कॉन्क्लेव में इससे निपटने पर अहम चर्चा हुई। एमसीडी मेयर राजा इकबाल सिंह और विशेषज्ञों ने रणनीति, सुझाव और भविष्य की कार्ययोजना साझा की।

Raja Iqbal singh- India TV Hindi
राजा इकबाल सिंह। Image Source : INDIA TV

दिल्ली की हवा हर साल जहर बनकर लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है और प्रदूषण अब सिर्फ एक मौसमी समस्या नहीं, बल्कि एक स्थायी आपातकाल का रूप ले चुका है। बढ़ते AQI, सांस की बीमारियां और स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा इस संकट की गंभीरता को साफ दिखाता है। इसी चुनौती के बीच इंडिया टीवी के कॉन्क्लेव #pollutionkasolution में प्रदूषण से निपटने को लेकर अहम मंथन हुआ। दिल्ली की पॉल्यूटेड हवा से राहत दिलाने के लिए कई सुझाव सामने आए। एमसीडी मेयर राजा इकबाल सिंह, सुंदर सिंह तंवर, डिप्टी चेयरमैन एमसीडी स्टैंडिंग कमिटी और डस्ट पॉल्यूशन एक्सपर्ट कृतिका चौधरी ने अपनी राय, रणनीति, वार रूम प्लानिंग और भविष्य के विजन पर चर्चा की है।

बीमारी का कर रहे ट्रीटमेंट- मेयर

एमसीडी मेयर राजा इकबाल सिंह ने चर्चा को सबसे पहले संबोधित करना शुरू किया। उन्होंने कहा, 'दिल्ली सरकार लगी हुई है, आने वाले समय में आपको साफ दिल्ली मिलेगी। बीमारी को बनने में और नजर आने में समय लगता है और फिर उसके ट्रीटमेंट में भी समय लगता है। हम इस पर लगे हुए हैं।' सुंदर सिंह तंवर, डिप्टी चेयरमैन एमसीडी स्टैंडिंग कमिटी ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा, 'दिल्ली सरकार इस पर तेजी से काम शुरू कर चुकी है। पीडब्लूडी और नगर निगम की टीम डस्ट साफ कर रही है। फॉगिंग, सेनिटेशन, कूड़ा उठाने का काम तेजी से हो रहा है, ट्रिपल इंजन की सरकार का साथ मिलने के चलते इस काम को और आसानी किया जा रहा था। केजरीवाल की सरकार ने जो नहीं किया था वो सब हम ठीक कर रहे हैं।' 

पहले थे सिर्फ 52 मेकेनिकल स्वीपर्स

एमसीडी मेयर राजा इकबाल सिंह ने कहा कि 6 महीने में असर दिखने लगेगा। उन्होंने मोहलत मांगी और कहा, '52 मेकेनिकल स्वीपर्स थे अब वो 70 हो गई हैं। 70 और आ रहे हैं जो राज्य सरकार से मिला है। 70 पीडब्लूडी से आ रहे हैं। लोग जब सोए हुए होंगे तो ही सफाई कर दी जाएगी, यानी रात में सफाई होगी और सुबह सड़के साफ मिलेंगीं। हाई डोज जोन को डस्ट से फ्री करने के लिए मेकेनिकल स्वीपर्स का इस्तेमाल किया जाएगा। ये दिल्ली सरकार की देन है और इसके लिए रेखा गुप्ता का धन्यवाद।'

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Image Source : INDIA TVपॉल्युशन का सॉल्युशन

डस्ट पॉल्यूशन के दो सोर्स

डस्ट पॉल्यूशन एक्सपर्ट कृतिका चौधरी ने अपनी राय रखते हुए कहा, 'सिर्फ दिल्ली नहीं कई और जगहों पर भी डस्ट पॉल्यूशन सबसे बड़ा पॉल्यूशन का सोर्स है। डस्ट के दो बड़े कंपोनेंट होते हैं। ट्रांस बाउंड्री डस्ट, जो बाहर से या रेगिस्तानी इलकों, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आता है, इसको कंट्रोल करना आसान नहीं होता है। दूसरा सोर्स ऑफ डस्ट जो शहर में बन रहा है। सड़क पर पॉट होल न हों, सड़क टूटी न हो, कंस्ट्रक्शन साइट की धूल को मैनेज किया जाए, इससे इसे कंट्रोल किया जा सकता है।' एमसीडी मेयर राजा इकबाल सिंह ने इसी कड़ी में कहा, 'कंस्ट्रक्शन साइट एक दो महीने के लिए बंद करने का विचार किया जाता है, मुनिसिपल काउंसिल उन्हें बंद करती है और पैनेलिटी भी लगाती है।'

लोगों को किया जा रहा जागरूक

कृतिका कहती है, 'मलबे जो डाले जा रहे हैं, उसकी वजह ये है कि लोगों को पता नहीं है कि इन्हें कहां डंप किया जाए। सीएनडी वेस्ट मैनेजमेंट, रीसाइकलिंग फैसिलिटी हैं, पेपर ब्रिक्स बनाए जाए। इसके लिए मेरी संस्था दिल्ली सरकार के साथ काम करती है और लोगों को जागरूक करती है कि मलबा कहां डंप करना है।' एमसीडी मेयर राजा इकबाल सिंह ने आगे कहा, '250 वॉर्ड्स हैं, सभी में 250 सीएनडी वेस्ट मैनेजमेंट प्वाइंट हैं और वहां पर मलबा डंप किया जाना है, लेकिन लोग अपने घरों के पास सीएनडी प्वाइंट्स पर मलबा नहीं डालते, इससे परेशानियां पैदा होती है, लेकिन उस दिशा में भी काम किया जा रहा है।

लिया जा रहा एक्शन

सुंदर सिंह तंवर, डिप्टी चेयरमैन एमसीडी स्टैंडिंग कमिटी ने बताया, '115 चलान किए गए हैं, जिससे 67500 रुपये रेवेन्यू मिला, इसके अलावा 2000 से ज्यादा कुछ और क्षेच्रों में चलान किए गए जिससे 1.5 करोड़ रेवेन्यू मिला है।' 'रही बात डस्ट की तो 1000 छोटी बैट्री मशीने, छोटी गलियों में डस्ट कलेक्ट कर के मेन प्लाइंट तक पहुंचाएगी। पहले सफाई मेन रोड पर होती थी, लेकिन अब गलियों में भी सफाई की जाएगी। इससे हर क्षेत्र साफ होगा। कोई भी काम पूरा करने में वक्त लगता है और दिल्ली सरकार इस पर लगी हुई है। कई इलाकों में कूड़े के पहाड़ हुआ करते थे जो अब काफी छोटे हो गए हैं। जल्द ही सुधार दिखेगा और AQI पर भी इसका असर दिखेगा।'

मुख्य बिंदू

  • 210 मेकेनिकल स्वीपर्स से सफाई की जाएगी और 1000 छोटी बैट्री मशीने गलियों को साफ करेंगी।
  • 11 सदस्यीय कमेटी का गठन, IIT के एक्सपर्ट शामिल किए गए हैं।
  • दिल्ली में 3350 इलेक्ट्रिक बसों का ऑर्डर किया गया है।
  • 62 हॉटस्पॉट्स पर स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट किया जाएगा।
  • प्रदूशण फैलाने वाली 88 फैक्ट्रियों को नोटिस भी जारी किया गया है।

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