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जम्मू विश्व विद्यालय के प्राध्यापक ने भगत सिंह को बताया आंतंकी, सस्पेंड किया गया

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 30, 2018 07:17 pm IST,  Updated : Nov 30, 2018 11:42 pm IST

जम्मू विश्वविद्यालय के एक प्राध्यापक ने कथित तौर पर स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को ‘‘आतंकवादी’’ बता कर विवाद पैदा कर दिया है।

Bhagat Singh- India TV Hindi
Bhagat Singh

जम्मू: जम्मू विश्वविद्यालय के एक प्राध्यापक ने कथित तौर पर स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को ‘‘आतंकवादी’’ बता कर विवाद पैदा कर दिया है। जिसके बाद विश्वविद्यालय​ ने इस मामले में  प्राध्यापक को सस्पेंड कर दिया है। विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में गुरुवार को व्याख्यान के दौरान प्राध्यापक मोहम्मद ताजुद्दीन ने कथित रूप से यह हवाला दिया। इसके तुरंत बाद छात्रों ने यह मामला कुलपति के समक्ष उठाया।

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डा विनय थुसू ने बताया कि राजनीति विज्ञान विभाग के कुछ छात्र गुरूवार की शाम को कुलपति से मिले और घटना की जानकारी दी। उन्होंने साक्ष्य के रूप में एक सीडी भी कुलपति को सौंपी । त्वरित कार्रवाई करते हुए कुलपति एम के धर ने मामले की जांच और प्राध्यापक को अध्यापन से अलग करने का आदेश दिया। उन्होंने बताया, ‘‘कुछ छात्रों ने प्रोफेसर ताजुद्दीन की शिकायत कुलपति से की। इसके बाद प्राध्यापक को सस्पेंड किया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि ताजुद्दीन को अगले आदेश तक अध्यापन से तत्काल प्रभाव से अलग कर दिया गया है। इस मामले में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और प्राध्यापक को विवि से निलंबित करने की मांग की थी। दूसरी ओर ताजुद्दीन ने कहा कि उनकी टिप्पणी को संदर्भ से अलग लिया गया है। दो घंटे तक चले व्याख्यान में से 25 सेकेंड की क्लिपिंग बनायी गयी है। संवाददाताओं से बातचीत में प्राध्यापक ने कहा, ‘‘वह अपने व्याख्यान में (रूसी क्रांतिकारी) लेनिन की बात कर रहे थे और इसी संदर्भ में मैने कहा कि राज्य अपने खिलाफ किसी भी हिंसा को ‘‘आतंकवाद’’ कहता है।

उन्होंने कहा, ‘‘किसी ने मेरे दो घंटे के व्याख्यान में से 25 सेकेंड का वीडियो बनाया है। आतंकवाद शब्द उसमें है। उसमें मेरा मतलब क्या था, यह नहीं आया है। फिर भी अगर किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो मुझे इसका अफसोस है।’’उन्होंने केहा कि उनकी भावना किसी को आहत करने की नहीं थी और इसके लिए वह माफी मांगते हैं। ताजुद्दीन ने कहा, ‘‘मेरी मंशा भगत सिंह के व्यक्तित्व को धूमिल करने की नहीं थी अथवा किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था । लेकिन अगर ऐसा हुआ है तो मुझे इसका खेद है।’’

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