टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने किया 'द कुंज' का उद्घाटन, यहां मिलेंगी हैंडीक्राफ्ट की एक से बढ़कर एक चीजें
टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने किया 'द कुंज' का उद्घाटन, यहां मिलेंगी हैंडीक्राफ्ट की एक से बढ़कर एक चीजें
Written By: Vanshika Saxena
Published : Aug 21, 2025 08:59 pm IST,
Updated : Aug 21, 2025 10:29 pm IST
द कुंज, देशभर की कलाओं का संगम है। टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने नेल्सन मंडेला मार्ग पर द कुंज का उद्घाटन किया। आइए द कुंज के बारे में पूरी जानकारी हासिल करते हैं।
Image Source : THEKUNJ_NEWDELHI/INSTAGRAM
टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह
केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह और वस्त्र राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा ने वसंत कुंज, नई दिल्ली में 'द कुंज' और विकास आयुक्त (हैंडिक्राफ्ट्स) के नए कार्यालय 'शिल्प भवन' का उद्घाटन किया। ‘द कुंज’ एक हैंडलूम और हैंडिक्राफ्ट मंच है। क्या आप द कुंज के कॉन्सेप्ट और विजन के बारे में जानते हैं? राष्ट्रीय राजधानी में एक ऐसा ऐतिहासिक स्थान स्थापित करना, जो भारत के हैंडिक्राफ्ट्स और हैंडलूम्स के लिए एक कमर्शियल केंद्र के रूप में काम करे।
गिरिराज सिंह ने क्या कहा?
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि करीब एक करोड़ कारीगर इस पहल से जुड़कर लाभान्वित होंगे। द कुंज का मकसद है, कारीगरों को गांव से ग्लोबल तक ले जाना। द कुंज का लक्ष्य एक वर्ल्ड क्लास वेन्यू बनाना है जहां पर कारीगर, डिजाइनर और सांस्कृतिक उद्यमी कोलैबोरेट, शोकेस और इनोवेट करें। द कुंज का शुभारंभ 21 अगस्त से हुआ है और ये 3 महीने का कार्यक्रम है जिसे दर्शकों को जोड़ने, कारीगरों को सशक्त बनाने और भारत की हैंडमेड हेरिटेज की समृद्धि का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया है।
कार्यक्रम की विशेषताएं
कारीगर संगम- परिसर के केंद्र में कारीगर संगम है, जो एक कारीगर-नेतृत्व वाली प्रदर्शनी है। इसमें राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं, शिल्प गुरुओं और देश भर के कुशल कारीगरों द्वारा निर्मित 100 से ज्यादा हस्तनिर्मित वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं।
क्यूरेटिड रिटेल और ब्रांड शोकेस- प्रत्येक रिटेल स्थान को व्यक्तिगत रूप से तैयार किया गया है। इसमें एक समर्पित कहानी कहने वाली दीवार है जो कारीगर उद्यम या ब्रांड की यात्रा, लोकाचार और मूल्यों का वर्णन करती है।
कला मंच- भारत भर से आए कारीगर बुनाई, कढ़ाई, ब्लॉक प्रिंटिंग, टेराकोटा मॉडलिंग आदि सहित शिल्प-निर्माण का लाइव प्रदर्शन करेंगे।
कल्प कोश वर्कशॉप्स- कारीगरों के नेतृत्व में कार्यशालाओं की एक सिरीज का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं का नेतृत्व कुशल कारीगर करेंगे जिससे भारत की विविध शिल्प परंपराओं और सांस्कृतिक कहानियों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
दृष्टि प्रदर्शनियां- रीजनल क्राफ्ट्स, विविधता और आधुनिक व्याख्याओं को दर्शाती प्रदर्शनियां
सांस्कृतिक प्रदर्शन और स्थापनाएं- जीवंत लोक कार्यक्रम और मनमोहक स्थापनाएं, जो भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का जश्न मनाती हैं।
पाककला के अनुभव- एक क्यूरेटेड फूड जोन जो प्रामाणिक क्षेत्रीय स्वाद और पारंपरिक व्यंजन परोसता है।
सीसीआईसी शोरूम- सीसीआईसी द्वारा एक प्रीमियम रिटेल स्पेस, जहां भारत के बेहतरीन, हैंडिक्राफ्टेड खजाने प्रदर्शित किए जाते हैं।
भाग लेने वाली क्राफ्ट ऑर्गनाइजेशन
मेमेराकी- कला को रोजमर्रा की जिंदगी में लाना
एनआईवी आर्ट सेंटर- जहां परंपरा समकालीन अभिव्यक्ति से मिलती है
खोल खेल- भारत के खेलों को पुनर्जीवित करना, आनंद को पुनः प्राप्त करना
दस्तकारी- ग्रामीण आत्मा से ओतप्रोत डिजाइन (स्थापना: 1986, नई दिल्ली, संस्थापक: जया जेटली)
दिल्ली क्राफ्ट्स काउंसिल (डीसीसी)- विरासत का संरक्षण, कारीगरों का सशक्तिकरण (स्थापना: 1967, नई दिल्ली, एफिलिएटिड: क्राफ्ट्स काउंसिल ऑफ इंडिया)
प्रदर्शनी का कैलेंडर
21 अगस्त 2025 (गुरुवार) से 21 सितंबर 2025 (रविवार) दस्तकारी हाट
22 सितंबर 2025 (सोमवार) से 24 सितंबर 2025 (बुधवार) चेंज ओवर
25 सितंबर 2025 (गुरुवार) से 14 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) दिल्ली क्राफ्ट्स काउंसिल
15 अक्टूबर 2025 (बुधवार) से 16 अक्टूबर 2025 (गुरुवार) चेंज ओवर