Shaniwar Ke Upay: शनि ग्रह वर्तमान समय में मीन राशि में हैं और साल 2026 के अंत तक मीन राशि में ही संचार करते रहेंगे। शनि की स्थिति के चलते कुंभ, मीन और मेष राशि के लोग साढ़ेसाती की चपेट में हैं वहीं सिंह और धनु राशियों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव रहेगा। कई लोग ऐसे भी होंगे जो वर्तमान समय में शनि की महादशा से गुजर रहे होंगे। ऐसे में इन सभी को शनिवार के दिन कुछ उपाय करने से जीवन में सुखद फल प्राप्त हो सकते हैं। आज हम आपको ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में अपने इस लेख में जानकारी देंगे।
शनिवार के ये उपाय दूर करेंगे शनि ग्रह के बुरे प्रभाव
- शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय तो यह है कि आपको शनि देव के मंत्र 'ॐ शनैश्चराय नमः' का शनिवार के दिन 108 बार जप करना चाहिए। जप करने के बाद शनि देव से अपनी गलतियों और भूल चूक के लिए माफी मांगें और दिन के समय यथासंभव धन और अन्न का दान जरूरतमंदों को करें।
- अगर आप चाहते हैं कि शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान शनि देव का प्रकोप आप पर न हो तो सुबह स्नान करने के बाद सवा किलो काला कोयला लें। इसे एक काले कपड़े में रखें और साथ ही एक लोहे की कील भी कपड़े में डाल दें। इसके बाद इस कपड़े को अपने सिर से घुमाकर बहते हुए पानी में प्रवाहित कर दें। यह उपाय करने के बाद शनि मंदिर में जाकर प्रार्थना करें और शनि देव की पूजा करें तो शनि ग्रह के बुरे प्रभाव दूर होने लगते हैं।
- साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि महादशा के बुरे प्रभावों से बचने के लिए आपको हर शनिवार के दिन बंदरों और काले कुत्तों को बूंदी के लड्डू खिलाने चाहिए। यह आसान सा उपाय आपको करियर के क्षेत्र में भी सफलता दिलाता है और आपकी योजनाएं भी सफल होती हैं।
- अगर आप चाहते है कि जीवन में सब मंगल हो तो शनिवार के दिन हाथी के दो खिलौने लाकर, उन्हें साफ पानी से धोकर घर में पूजा के मंदिर में रख देना चाहिए। इसके बाद मंदिर में तिल के तेल का दीपक आपको जलाना चाहिए और शनि देव की आरती का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और पारिवारिक जीवन में आपको शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।
- अगर आप प्रत्येक शनिवार के दिन सरसों के तेल का दान करते हैं और जरूरतमंदों की सहायता करते हैं तो शनि ग्रह हमेशा आपसे प्रसन्न रहते हैं। यह सरल उपाय भी जीवन में सकारात्मकता लाने वाला साबित होता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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