बताया जा रहा है कि डीजल की कीमतों में 30% बढ़ोतरी के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हो गई और 500 से ज्यादा गिरफ्तार हुए। लोगों का आक्रोश इसलिए भड़का क्योंकि इस बढ़ोतरी की वजह से मिनी बस टैक्सियों का किराया भी बढ़ गया।
अगर आपके पास भी ऐसी ही पुरानी गाड़ी है तो आप अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करा सकते हैं। गाड़ी को स्क्रैप करवाने के लिए आपको सरकार से रजिस्टर्ड स्क्रैप सेंटर जाना होगा।
वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 8.36 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
मई 2025 के दौरान, डीजल की बिक्री पिछले साल की समान अवधि के 8.41 मिलियन टन की खपत से 2 प्रतिशत ज्यादा थी। एलपीजी की बिक्री में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.79 मिलियन टन की वृद्धि जारी रही।
इंडियन ऑयल ने कहा है कि शांत रहकर और अनावश्यक भीड़ से बचकर हमें आपकी बेहतर सेवा करने में मदद करें। इससे हमारी सप्लाई लाइनें निर्बाध रूप से चलती रहेंगी।
शहरों में इलेक्ट्रिक बसों को तेजी से अपनाया जा रहा है। कई टियर-2 और टियर-3 शहरों में इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा (ई-रिक्शा) प्रमुख हो गए हैं। इनका असर यह हुआ है कि शहरी सार्वजनिक परिवहन में डीजल का उपयोग सीधे तौर पर कम हो रहा है।
सरकार की तरफ से किया गया यह फैसला वैश्विक तेल कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव और ट्रम्प के टैरिफ के बीच लिया गया है।
एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि 4 नवंबर, 2021 से पहले कर्नाटक में डीजल पर सेल्स टैक्स की दर 24 प्रतिशत थी और कीमत 92.03 रुपये थी। पिछले साल 15 जून को कर्नाटक सरकार ने डीजल पर टैक्स की दर घटाकर 18.44 प्रतिशत करने की अधिसूचना जारी की थी।
सरकार ने डीजल पर बिक्री कर बढ़ाकर 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की, जिससे कर्नाटक में नई कीमत 91.02 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसके पीछे दलील दी गई है कि बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक कल्याण के लिए यह कदम उठाया गया है।
पुरी ने कहा, “इसलिए, मुझे लगता है कि वैश्विक ऊर्जा की स्थिति में सुधार होगा। बाजार में अधिक तेल और गैसा आएगी और उम्मीद है कि इससे कीमतों में कमी लाने में मदद मिलेगी। जब ऊर्जा कम कीमतों पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होती है, तो इससे मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है।”
मुंबई में जाम की समस्या विकराल रूप ले रही है। राज्य सरकार की लाख कोशिशों के बावजूज जाम कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसकी वजह गाड़ियों की बढ़ती संख्या है। इसके चलते वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है।
अपनी कंपनी के बारे में गुप्ता ने कहा कि हम देश की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन हैं और हमने देश की मौजूदा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का बड़ा हिस्सा पहले ही बिछा दिया है।
Crude Oil : अमेरिका ने रूसी तेल सप्लायर्स और जहाजों पर ताजा प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें से अधिकतर सप्लायर्स भारत और चीन को क्रूड ऑयल की सप्लाई करते हैं। ये अब तक के सबसे आक्रामक प्रतिबंध हैं।
दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में छुट्टियों के मौसम में सड़क यात्राओं के साथ-साथ हवाई और रेल यात्राओं ने ईंधन की बिक्री को बढ़ावा दिया। पेट्रोल और डीजल की तरह, एटीएफ की मांग भी अब कोविड-पूर्व स्तरों से ऊपर है।
राज्य के स्वामित्व वाली तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) जैसी फर्मों द्वारा उत्पादित कच्चे तेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड जैसी कंपनियों द्वारा किए गए ईंधन के निर्यात पर लेवी को खत्म कर दिया गया।
मानसून के महीनों में पेट्रोल और डीजल की बिक्री धीमी रही है क्योंकि बारिश के कारण वाहनों की आवाजाही और कृषि क्षेत्र की मांग कम हो गई।
सरकार की तरफ से आखिरी बार 31 अगस्त को इसकी समीक्षा की गई थी। तब कच्चे पेट्रोलियम पर अप्रत्याशित लाभ कर 1,850 रुपये प्रति टन निर्धारित किया गया था। डीजल, पेट्रोल और विमान ईंधन या एटीएफ के निर्यात पर एसएईडी को 18 सितंबर से शून्य पर यथावत रखा गया है।
वर्तमान में, डीलरों को पेट्रोल पर कमीशन के रूप में 1,868.14 रुपये प्रति किलोलीटर के साथ बिल किये गये मूल्य का 0.875 प्रतिशत भुगतान किया जाता है। डीजल पर यह 1389.35 रुपये प्रति किलोलीटर है। साथ ही बिल योग्य मूल्य का 0.28 प्रतिशत कमीशन मिलता है।
मनीष पहले दिल्ली में केमिकल फैक्ट्री में काम करता था, उसको पता था अगर डीजल में थोड़ी मात्रा में हाइड्रोकार्बन सॉल्वेंट, थिनर मिला दिया जाए तो किसी को शक नहीं होगा। इसके बाद इसने मेरठ में डीजल पेट्रोल गोदाम में काम करने वाले ड्राइवर से संपर्क किया और उनसे सेटिंग कर ली।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आखिरी बार 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी। इक्रा ने एक ‘नोट’ में कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के साथ हाल के हफ्तों में भारतीय पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के लिए मोटर व्हीकल फ्यूल की खुदरा बिक्री पर मार्केटिंग प्रॉफिट में सुधार हुआ है।
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