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ISRO ने दी बड़ी खुशखबरी! बारिश में कहां गिरेगी बिजली, पहले ही मिल जाएगा अलर्ट

 Written By: Gaurav Tiwari
 Published : Apr 02, 2025 01:46 pm IST,  Updated : Apr 02, 2025 01:46 pm IST

बारिश और मानसून के मौसम में देश के अलग अलग हिस्सों से बिजली गिरने की खबरें सामने आती है। इसमें बहुत अधिक जान-माल की भी हानि होती है। लेकिन अब इसके नुकसान से बचा जा सकता है। ISRO ने एक ऐसी तकनीक तैयार कर ली है जिससे 2.5 घंटे पहले ही बिजली गिरने का अलर्ट मिल जाएगा।

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बारिश के मौसम में कहां गिरेगी बिजली अब इसका घंटों पहले ही पता चल जाएगा। Image Source : फाइल फोटो

बारिश के मौसम में हर साल देशभर की अलग-अलग जगहों से बिजली गिरने की खबर सामने आती है। बिजली गिरने की वजह से हर साल भारी जान माल का नुकसान भी होता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। बारिश के मौसम में बिजली कहां पर गिरेगी अब इसकी जानकारी पहले ही मिल जाएगी। ISRO ने एक ऐसी टेक्नोलॉजी तैयार की है जिससे बिजली गिरने का अलर्ट पहले ही मिल जाएगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंदान संगठन ने बिजली गिरने का पूर्वानुमान की क्षमता हासिल कर ली है। ISRO की इस उपलब्धि ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। इसरो की तरफ से बताया गया कि भारतीय भूमिस्थिर उपग्रहों के डेटा को कलेक्ट करके बिजली गिरने की के पूर्वानुमान का पता लगाने में सफलता मिली है। इस उपलब्धि को इसरो के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र ने हासिल की है।

2.5 घंटे पहले ही मिल जाएगा अलर्ट

राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र के वैज्ञानिकों इनसैट-3डी उपग्रह से प्राप्त 'आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन'में खास तरह के संकेत देखे। वैज्ञानिकों ने पाया जब OLR की स्पीड में कमी मिलती है तो इससे आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बनती है। नई तकनीक के जरिए बिजली गिरने से करीब 2.5 घंटे पहले पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। इसरो की इस नई तकनीक से आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्र में अहम मदद मिलने वाली है। 

इसरो की नई टेक्नोलॉजी की मदद से लोगों को पहले से ही उस जगह से हटाया जा सकेगा जहां पर बिजली गिरने की संभावना है। इससे जान-माल की हानि भी कम से कम हो सकेगी। आपको बता दें कि बिजली गिरने का पता लगाने में और सुधार करने के लिए, टीम ने भूमि सतह तापमान (LST) और हवा सहित अतिरिक्त मापदंडों को शामिल किया, इसका एक मात्र उद्देश्य इसके पूर्वानुमान की सटीकता को बढ़ाना था। इस नई टेक्नोलॉजी के साथ मौसम विभाग करीब 2.5 घंटे पहले जानकारी दे सकेगा कि कहां पर बिजली गिरने वाली है।

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