आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 18 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 670.85 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई लेवल पर रहा था। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 2 अगस्त को खत्म हुए हफ्ते में मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां भी 5.16 अरब डॉलर बढ़कर 592.03 अरब डॉलर हो गईं।
पाकिस्तान ने साल 2024 में आईएमएफ से एसडीआर में 1.35 अरब अमरीकी डॉलर उधार लिए। साथ ही एसडीआर में 64.669 करोड़ अमरीकी डॉलर चुकाए।
मुद्रा कोष ने यह भी कहा कि बढ़ती कीमतों के खिलाफ दुनियाभर में प्रगति धीमी हुई है। इसका कारण हवाई यात्रा से लेकर रेस्तरां में भोजन करने जैसी सेवाओं की महंगाई है।
पाकिस्तान बदहाली के रास्ते से बाहर नहीं निकल पा रहा है। अब भी पाकिस्तान महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ रखी है। आटा, दाल, दूध, चावल और चीनी खरीदने में ही पाकिस्तानियों की नानी याद आ जा रही है। ऐसे में पीएम शहबाज शरीफ ने आइएमएफ से फिर 7 अरब डॉलर का नया कर्ज लिया है।
पाकिस्तान एक बार फिर से राजनीतिक संकट की ओर जाता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रपति जरदारी ने कहा कि हम जानते हैं कि सरकार कैसे बनाई और गिराई जाती है। हम लोगों को उनके हाल पर नहीं छोड़ेंगे।
पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार मुश्किल में फंसती हुई नजर आ रही है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा है कि वो जनता को उसके हाल पर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा हम जानते हैं कि सरकार कैसे बनाई जाती है और गिराई जाती है।
सूत्रों ने बताया कि इस बात पर चर्चा चल रही है कि ऐसे वेतनभोगी और गैर-वेतनभोगी व्यक्ति, जिनकी मासिक आय 4,67,000 पाकिस्तानी रुपये से थोड़ी अधिक है, उनसे 45 प्रतिशत की नयी भारी-भरकम आयकर दर वसूली जाए या नहीं।
पाकिस्तान अपनी कंगाली दूर करने के लिए आमजनों को गन्ने की तरह निचोड़ लेना चाहता है। यही वजह है कि 4.67 लाख रुपये की कमाई करने वाले पाकिस्तानियों से 45 फीसदी टैक्स वसूलने का प्लान बन रहा है। हालांकि अभी इस पर सहमति नहीं बनी है। अभी तक 5 लाख पर 35 फीसदी टैक्स वसूला जाता है।
कंगाल पाकिस्तान एक बार फिर बर्बादी की राह पर है। अब तो अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी संदेह जाहिर किया है कि पाकिस्तान कर्ज लौटाने की क्षमता रखता है या नहीं।
आईएमएफ अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान को इस सप्ताह यह कर्ज दे दिया जाएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सऊदी अरब के रियाद में आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से मुलाकात के एक दिन बाद ऋण को मंजूरी दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पाकिस्तान की मदद की है। पाकिस्तान को अपनी आर्थिक हालत सुधारने के लिए नया कर्ज मिल गया है। पीएम शहबाज शरीफ ने इसे लेकर आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से मुलाकात की थी।
पाकिस्तान अपनी आर्थिक हालत को सुधारने के लिए नया कर्ज लेने जा रहा है। पीएम शहबाज शरीफ ने इसे लेकर आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से मुलाकात की है।
Pakistan Economic Crisis : पाकिस्तान ने आईएमएफ से एक और राहत पैकेज की डिमांड की है। इसने 6-8 अरब डॉलर का राहत पैकेज मांगा है।
IMF की ओर से भारत द्वारा चुनावी वर्ष में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने की तारीफ की है। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और बहुत अच्छी स्थिति में है।
पाकिस्तान की आर्थिक हालत खस्ताहाल है। महंगाई चरम पर है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष पाकिस्तान की मदद के लिए तैयार नजर आ रहा है।
आईएमएफ ने उम्मीद जताई थी कि वर्ष 2024 में वैश्विक अर्थव्यवस्था 3.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। इसके अलावा वर्ष 2025 में भी यही वृद्धि दर रहने का अनुमान जताया गया है।
आईएमएफ द्वारा कहा गया है कि वर्किंग क्लास लोगों की बढ़ती हुई आबादी और घरेलू मांग से भारतीय अर्थव्यवस्था को सहारा मिल रहा है।
सुब्रमण्यम ने 28 मार्च को नयी दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर देश पिछले 10 वर्षों में लागू की गई अच्छी नीतियों को दोगुना कर देता है और सुधारों में तेजी लाता है तो भारतीय अर्थव्यवस्था 2047 तक आठ प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है।
सुब्रमण्यन ने कहा कि अगर भारत 8 प्रतिशत की दर से बढ़ता है, तो साल 2047 तक भारत 55 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। ऐतिहासिक रूप से 1991 के बाद से, भारत की औसत वृद्धि 7 प्रतिशत से थोड़ी अधिक रही है।
आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने पिछले साल पाकिस्तान के लिए तीन अरब डॉलर की राहत व्यवस्था को मंजूरी दी थी। पाकिस्तान ने एक नया मध्यम अवधि का बेलआउट पैकेज लेने में रुचि दिखाई है।
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