अमेरिका के साथ चल रहे टैरिफ विवादों के बीच भारत और चीन के रिश्तों में मिठास आना शुरू हो गई है। दोनों देशों ने अपने बंद पड़े व्यापार को लिपुलेख दर्रे के जरिये फिर से शुरू करने पर सहमति दर्ज कराई है। साथ ही सीमा पर तनाव को दूर करने के प्रयास में हैं।
चीन के राजदूत शू फीहोंग ने अमेरिका के भारत पर टैरिफ को 'गुंडागर्दी' बताते हुए भारत का समर्थन किया। उन्होंने भारत-चीन को एशिया के दो इंजन बताया और कहा कि दोनों देशों की साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए जरूरी है।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी की नई दिल्ली यात्रा के बाद भारत-चीन सीमा से तनाव को दूर करने वाली खबर सामने आ रही है। चीनी के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि उसने भारत के साथ सीमा पर अहम सहमति बना ली है।
सोमवार को एस. जयशंकर के साथ वांग यी की बैठक में कई अन्य पहलों को अंतिम रूप दिया गया था, जिनमें जल्द से जल्द सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करना और एक नए हवाई सेवा समझौते को अंतिम रूप देना शामिल है।
चीन ने भारत के प्रति रुख नरम करते हुए सीमा विवाद सुलझाने और आपसी सहयोग बढ़ाने की बात की है। इसकी वजह भारत की रणनीतिक ताकत, तेजी से बने सीमा इंफ्रास्ट्रक्चर और पूर्वी लद्दाख में न्योमा एयरफील्ड जैसे प्रोजेक्ट हैं। चीन अब भारत को नजरअंदाज नहीं कर सकता।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने विदेश मंत्री जयशंकर को आश्वासन दिया है कि भारत की उर्वरकों, दुर्लभ मृदा खनिजों और सुरंग खोदने वाली मशीनों की जरूरतों को चीन पूरा करेगा।
चीनी विदेश मंत्री के साथ बैठक में अजीत डोभाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए जल्द ही चीन का दौरा करेंगे।
विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी को कहा कि भारत-चीन के संबंधों को आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए।
भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित समारोह में 2 चीनी उप-मंत्रियों की भागीदारी ने भारत-चीन संबंधों में नई गर्मजोशी का संकेत दिया। यह आयोजन पूर्वी लद्दाख गतिरोध और कोविड के बाद पहली बार हुआ, जिससे आपसी रिश्तों में स्थिरता और सहयोग की उम्मीद बढ़ी।
भारत और चीन के बीच 5 साल बाद सीधी उड़ानें फिर से शुरू हो सकती हैं। चीन ने कहा है कि वह भारत के साथ हवाई संपर्क बहाल करने पर काम कर रहा है। यह पहल दोनों देशों के रिश्तों में सुधार, व्यापार, पर्यटन और आपसी सहयोग को नया मोड़ दे सकती है।
भारत और चीन के बीच सीमा पार व्यापार में मसाले, कालीन, लकड़ी के फर्नीचर, औषधीय पौधे, मिट्टी के बर्तन, पशु चारा, ऊन और इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसी स्थानीय चीजों का लेन-देन होता था।
चीन ने तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर मेगा डैम निर्माण शुरू कर दिया है। चीन के इस कदम से भारत खतरा भांप रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं कि चीन के इस विशाल बांध निर्माण से भारत को किस तरह का खतरा है?
जयशंकर ने वांग यी से हाल में हुई बातचीत के दौरान कहा कि भारत-चीन संबंधों में किसी तीसरे देश, खासकर पाकिस्तान, की कोई जगह नहीं है। उन्होंने सीमा पर शांति, भरोसेमंद सप्लाई चेन और आतंकवाद के खिलाफ कड़ाई पर जोर दिया।
अमेरिका की रक्षा खुफिया एजेंसी चीन-पाकिस्तान से भारत के रिश्तों पर बड़ी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में DIA ने कई अहम दावे किए हैं।
चीन के साथ भारत के संबंधों को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि तनावपूर्ण रिश्ते किसी भी पक्ष के लिए फायदेमंद नहीं हैं।
भारत और चीन के बीच बीजिंग में कूटनीतिक वार्ता के दौरान कई मुद्दों को लेकर व्यापक तौर पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने आगामी विशेष प्रतिनिधि बैठक के लिए पर्याप्त तैयारी करने पर सहमति जताई है।
जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प टैरिफ कम करने के मामले में भारत को किनारे पर धकेल रहे हैं और निर्धारित शर्तों, खासकर टैरिफ पर सहमत होने के लिए मजबूर कर रहे हैं तो भारत और चीन के लिए यह एक उपयुक्त समय है।
भारत-चीन के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू होने वाली है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि कज़ान में अक्टूबर के महीने में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच इस बात पर सहमति बनी थी।
ब्रह्मपुत्र पर चीन ने दुनिया का सबसे बड़ा बांध बनाने का ऐलान किया है। इस बांध को लेकर भारत अलर्ट है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मामले में बड़ी बात कही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने बुधवार को बीजिंग में मुलाकात की। उन्होंने 2025 में भारत-चीन के राजनयिक संबंधों 75 साल होने से पहलो दोनों देशों के रिश्तों में सुधार पर जोर दिया।
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