मणिपुर में छात्रों के प्रदर्शन के चलते तीन जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इसके तहत इंफाल पूर्व और पश्चिम तथा थौबल में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
मणिपुर में हाल में हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर इंफाल में स्कूल-कॉलेज के हजारों छात्रों ने सोमवार को राज्य सचिवालय और राजभवन के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।
मणिपुर में हिंसा का नया दौर शुरू हो गया है। हिंसा के दौरान मैतेई समुदाय के एक बुजुर्ग की हत्या कर दी गई। इस घटना के जवाब में जिरीबाम जिले में चार कुकी उग्रवादियों को मार दिया गया है।
जिरीबाम जिले में भड़की हिंसा को रोकने के लिए असम राइफल्स के साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और मणिपुर पुलिस के कमांडो की टीम को तैनात किया गया है।
मणिपुर के विभिन्न इलाकों में रॉकेट और ड्रोन से हुए हमलों के बाद स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं लोगों में भी डर का माहौल है। इसके अलावा सुरक्षाकर्मी भी हाई अलर्ट पर हैं।
विस्फोट में 13 वर्षीय लड़की सहित पांच अन्य घायल हो गए। यह रॉकेट आईएनए मुख्यालय से लगभग दो किलोमीटर दूर एक स्थान पर गिरा।
मणिपुर में कुकी आतंकियों द्वारा ड्रोन के जरिए बम गिराए जाने की घटना के बाद सीएम बीरेन सिंह ने इसे आतंकी हमला करार दिया और कहा कि इसके जिम्मेदार लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
मणिपुर के बीजेपी एमएलए ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखकर राज्य से केंद्रीय बल हटाने का अनुरोध किया है।
मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। ताजा मामला इंफाल पश्चिम जिले का है, जहां संदिग्ध उग्रवादियों की ओर से किए गए हमले में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई।
मणिपुर के सीएम एन. बीरेन सिंह ने मणिपुर में 6 महीने के भीतर शांति व्यवस्था कायम करने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि इसके लिए एक दूत की नियुक्ति भी कर ली गई है। वहीं इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि 'मैं इस्तीफा क्यों दूं?'
असम रायफल, पुलिस, BSF और सेना के संयुक्त अभियान में हथियारों का जखीरा पकड़ा गया है। अराजक तत्वों ने पुलिस स्टेशन से ही हथियार लूट लिए थे। इसके बाद यह ऑपरेशन शुरू किया।
नगा पीपुल्स फ्रंट के एक विधायक ने दावा किया है कि म्यांमार के उग्रवादियों ने बॉर्डर पर बारूदी सुरंगे बिछाई हैं जिनकी चपेट में आने से लोगों की जान भी जा चुकी है।
मणिपुर पुलिस ने इंफाल जिले के चिंगमेइरोंग इलाके से चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी उग्रवादी यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (पामबेई) गुट से जुड़े हुए थे।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘जवान के सिर में गोली लगी थी और अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। घायल पुलिसकर्मी का इलाज जारी है, लेकिन वह खतरे से बाहर है।’’
'आज भी प्रदेश दो टुकड़ों में बंटा हुआ है। घर जल रहे हैं, मासूम ज़िंदगियां खतरे में हैं और हज़ारों परिवार राहत शिविरों में जीवन काटने पर मजबूर हैं।'
राहत शिविर में राहुल गांधी सभी लोगों के साथ जमीन पर बैठे और उनकी बात सुनी। मणिपुर में लंबे समय से मैतेयी और कुकी समुदाय के बीच हिंसक संघर्ष जारी है। इन दंगों के कारण बड़ी संख्या में लोग बेघर हो चुके हैं।
Rahul Gandhi Manipur Visit: राहुल गांधी के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन के जरिए फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
लोकसभा चुनाव के बाद राहुल की यह पहली मणिपुर यात्रा है, जहां की दोनों संसदीय सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। पिछले साल तीन मई को हिंसा भड़कने के बाद से गांधी ने दो बार राज्य का दौरा किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में मणिपुर हिंसा पर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि 11 हजार से ज्यादा एफआईआर दर्ज किए गए जबकि 500 से ज्यादा गिरफ्तारी हुई है।
पीएम मोदी ने कहा कि मणिपुर की स्थिति को सामान्य करने के लिए केंद्र सरकार वहां की राज्य सरकार के साथ मिलकर लगातार प्रयासरत है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आग में घी डालने का काम कर रहे हैं, वह बंद कर दें।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़