अनुमानों के मुताबिक अगले वित्त वर्ष अर्थव्यवस्था में तेज रिकवरी देखने को मिलेगी। एजेंसी के मुताबिक तीसरी तिमाही से रिकवरी शुरू होगी और 2021-22 में अर्थव्यवस्था में बेस इफेक्ट की वजह से तेज बढ़त देखने को मिल सकती है।
केन्द्र सरकार का राजकोषीय घाटा लॉकडाउन के कारण कमजोर राजस्व संग्रह के चलते वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों (अप्रैल- जुलाई) में ही पूरे साल के बजट अनुमान को पार कर गया है। वित्त वर्ष 2020- 21 के बजट में राजकोषीय घाटे के 7.96 लाख करोड़ रुपये यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।
महामारी के वजह से पहले से दबाव सह रहे सरकारी बैंकों के NPA में बढ़त की आशंका
कोरोना की वजह से होने वाले बदलावों से एशिया के कुछ विकासशील देशों को फायदा संभव
2021 में अर्थव्यवस्था के 6.9 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज करने का अनुमान
मूडीज ने इस बात का विशेष उल्लेख किया है कि रेडिंग घटाना पूरी तरह से कोविड-19 प्रकोप के विनाशकारी प्रभाव से प्रेरित नहीं था, इसके पीछे और भी कई कारक थे।
खपत कम होने और कारोबारी गतिविधियां थमने से घरेलू अर्थव्यवस्था में गिरावट आएगी
कोरोना संकट के पहले से जारी आर्थिक दबाव से MSME की मुश्किलें और बढ़ीं
लॉकडाउन और सरकार के राहत कदमों से बिजली कंपनियों पर दबाव संभव
एजेंसी के मुताबिक पहले से जारी नरमी के बीच कोरोना संकट से अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा
मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने शुक्रवार को भारतीय बैंकों के परिदृश्य को स्थिर से बदलकर नकारात्मक कर दिया, जिसके बाद बैंकिंग शेयर 15 प्रतिशत तक गिर गए।
जी20 देशों के नेताओं ने कोरोना वायरस से फैली वैश्विक महामारी के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए इससे लड़ने के लिये विश्व की अर्थव्यवस्था में पांच हजार अरब डॉलर खर्च करने का बृहस्पतिवार को ऐलान किया।
Yes Bank continues to rally for 3rd day; shares jump nearly 57pc
मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने शुक्रवार को येस बैंक लिमिटेड की रेटिंग को घटा दिया है। रिजर्व बैंक ने येस बैंक को देनदारियों का भुगतान करने से 30 दिन के लिए रोक दिया है, जिसके बाद रेटिंग में यह कमी की गई।
भारती एयरटेल पर एजीआर के पिछले बकाया की देनदारी 35,300 करोड़ रुपये या पांच अरब डॉलर की
एयरटेल को पिछले सांविधिक बकाया का पूरा भुगतान 17 मार्च तक करना है।
कोरोनावायरस का असर बढ़ने पर दुनिया भर में मंदी आने की आशंका
भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019 में 5 प्रतिशत रही। मूडीज ने कहा है कि कमजोर अर्थव्यवस्था और कर्ज वृद्धि में नरमी का एक-दूसरे पर प्रतिकूल असर है।
मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने गुरुवार को कहा कि कमजोर आर्थिक वृद्धि, सुस्त पड़ती कमाई से वर्ष 2020 में वित्तीय क्षेत्र को छोड़ दूसरे क्षेत्रों की ज्यादातर भारतीय कंपनियों की साख परिस्थितियां कमजोरी बनी रहेगी।
मूडीज ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि हमनें भारत के लिए अपने वृद्धि अनुमान में संशोधन किया है और इसे पूर्व अनुमान की तुलना में और कम कर दिया है।
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