इस पॉलिसी के तहत अपने घरों का सपना लिए गावों की ज़मीन पर रहने वाले लोगों को सस्ती किमतों पर घर दिए जाएंगे। जिसके अंतर्गत गांवों की इन ज़मीनों पर मल्टीस्टोरी बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत समीक्षा से पहले वित्त मंत्रालय के चर्चा के आग्रह को खारिज कर दिया।
रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (एमपीसी) ने ब्याज दरों में कोई भी बदलाव नहीं करने का फैसला किया। फिलहाल रेपो रेट 6.25 फीसदी पर है।
सीबीएसई के छात्रों के लिए दो-दो ख़ुशख़बरी है। CBSE छात्रों को नंबर बढ़ाकर देने की पॉलिसी को जारी रखने के लिए तैयार हो गया है और मॉडरेशन पॉलिसी को लेकर वह सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएगा।
फ्यूचर जनराली इंश्योरेंस कंपनी ने बाहुबली-2 का 200 करोड़ रुपए का बीमा किया, यह बीमा कंपनी के फिल्म पैकेज इंश्योरेंस प्रोडक्ट के तहत जारी किया गया है।
सरकारी खरीद में घरेलू स्तर पर बनी वस्तुओं को प्राथमिकता देने की एक नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मेक इन इंडिया को बढ़ावा देना है।
RBIने गुरुवार को 2017-18 के लिए क्रेडिट पॉलिसी का ऐलान कर दिया। इस पॉलिसी में RBI ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति ने बुधवार को अपनी दो दिवसीय बैठक शुरू की। ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है।
RBI इस साल नीतिगत दरों के मोर्चे पर यथास्थिति कायम रखेगा, हालांकि, 2018 में दरों में बढ़ोतरी का जोखिम है। गोल्डमैन सैक्स ने यह अनुमान लगाया है।
विश्लेषकों का मानना है कि मुद्रास्फीति के तय लक्ष्य के मुकाबले काफी नीचे होने के बावजूद RBI अप्रैल की मौद्रिक नीति समीक्षा में यथास्थिति बनाए रख सकता है।
दुनिया में किसी भी देश में आर्थिक मंदी के खतरे का अनुमान लगाना अब आसान हो गया है। ब्रिटेन के अनुसंधानकर्ताओं ने नया सिस्टम बनाया है।
अरुण जेटली ने कहा कि मोदी सरकार साहसिक निर्णय कर रही है और अर्थव्यवस्था को साफ सुधरी बनाने पर ध्यान दे रही है। कारोबार के लिए वातावरण सही हो सके।
RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) ने इस साल लगातार दूसरी पॉलिसी में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट 6.25 फीसदी पर स्थिर रहा है।
एसोचैम ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को लोन ग्रोथ सुस्त रहने और कमजोर मांग के बीच ब्याज दरों में 0.5 से 0.75 प्रतिशत की कटौती करनी चाहिए।
RBI को उदार मौद्रिक रुख अपनाने में मदद मिलेगी, लेकिन नीतिगत दरों में कटौती अगले हफ्ते होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा के बजाये अप्रैल में होने की उम्मीद है।
भारतीय रिजर्व बैंक 2017 में नीतिगत दरों में 25 से 50 आधार अंकों की कटौती कर सकता है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई दर आगे भी नियंत्रित बनी रहेगी।
RBI ने ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव, सेंसेक्स 200 अंक गिरकर 26190 के स्तर पर है। वहीं, NSE का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी में 40 अंक की आई गिरावट।
एक व्यक्ति ने एलआईसी से 50 करोड़ रुपए सालाना प्रीमियम की बीमा पॉलिसी खरीदी है। किसी व्यक्ति द्वारा खरीदी गई यह अब तक की सबसे महंगी पॉलिसी है।
रिजर्व बैंक आर्थिक वृद्धि के नीचे जाने के जोखिम की आशंका के मद्देनजर अगले सप्ताह अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर में 0.25% की कटौती कर सकता है।
सितंबर महीने में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि में हल्की नरमी आई। PMI सितंबर में घटकर 52.1 पर आ गया जो अगस्त में 52.6 था।
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