रेलवे भर्ती बोर्ड यानि RRB की ओर से जारी होने वाले रेलवे ग्रुप डी के रिजल्ट को चेक करने के लिए आपको सबसे पहले रेलवे भर्ती बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर जाना होगा।
रेलवे बोर्ड ने कुल 596 पदों पर वैकेंसी निकाली है। इनमें स्टेनोग्राफर के लिए 8 पद हैं। जबकि, सीनियर कॉमर्शियल क्लर्क और टिकट क्लर्क के लिए 154 पदों पर वैकेंसी है। गुड्स गार्ड के 46 पदों पर वैकेंसी है।
रेलवे ग्रुप डी में पास होने के लिए कटऑफ की बात करें तो यह आधिकारिक नोटिफिकेशन में साफ-साफ लिखा है कि जनरल कैटेगरी के लिए न्यूनतम नंबर होंगे, पेपर के कुल नंबरों का 40 फीसदी। वहीं EWS कैटेगरी के लिए भी न्यूनतम नंबर होंगे, पेपर के कुल नंबरों का 40 फीसदी।
रेलवे ग्रुप डी रिजल्ट को देखने के लिए आप होम पेज पर दिख रहे रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें। क्लिक करते ही RRB Group D Result खुल जाएगा। यहां अपने रोल नंबर के हिसाब से अपना रिजल्ट देखें।
आप इस लिंक पर क्लिक करके डायरेक्ट RRB Group D Result 2022 देख सकते हैं। लेकिन अगर आप स्टेप बाय स्टेप जाना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले rrbcdg.gov.in पर जाना होगा। होम पेज पर दिख रहे रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
RRB Group D परीक्षा में चयन प्रक्रिया की बात करें तो यह तीन चरणों में होगा, पहला कंप्यूटर आधारित परीक्षा है, जिसका आयोजन हो चुका है। इसके बाद फिजिकल एग्जाम का आयोजन किया जाएगा और अंतिम में मेडिकल और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा।
जितने भी छात्रों ने रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा में भाग लिया था, अब उनके दिमाग में जो सबसे बड़ा सवाल घूम रहा है, वह यह है कि आखिर इस परीक्षा में पास होने के लिए उनके कितने नंबर आने चाहिए। आपको बता दें अगर आपको इस परीक्षा में पास होना है तो आपके कम से कम निर्धारित न्यूनतम नंबरों से अधिक नंबर होने चाहिए।
इस रिजल्ट को लेकर भी तक RRB की ओर से कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि नवम्बर के शुरुआती हफ्तों में ग्रुप डी के नतीजे जारी हो सकते हैं। आपको बता दें कि RRB ग्रुप डी भर्ती परीक्षा का आयोजन 17 अगस्त से 18 अक्टूबर 2022 तक किया गया था।
Railway News: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) जल्द ही रेलवे में स्काउट और कल्चरल कोटे की भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा। रेलवे बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से इन दोनों कोटे की रेलवे भर्ती पर लगी रोक को हटाने का आदेश दिया है।
नई दिल्ली। रेलवे ने एनटीपीसी और ‘लेवल-1’ की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे अभ्यर्थियों से संपर्क साधना शुरू किया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार बृहस्पतिवार को उसने करीब दो लाख विद्यार्थियों से संपर्क किया।
दिल्ली। रेलवे की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर एक सूची जारी की है। छात्रों के हिंसक प्रदर्शनों के बाद अभ्यर्थियों की समस्याएं सुलझाने के दबाव के बीच रेलवे ने बृहस्पतिवार को ‘अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-जवाब’ (एफएक्यू) की सूची जारी की ताकि उसकी भर्ती प्रक्रिया को समझाया जा सके।
RRB-NTPC:रेल भर्ती परीक्षा में हुई अनियमितता को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के बाद केंद्रीय रेल मंत्री का बयान आया है। अपने बयान में उन्होंने छात्रों से कानून हाथ में न लेने आग्रह किया है। साथ ही आश्वासन देते हुए कहा कि छात्रों की शिकायतों को हम गंभीरता से देखेंगे।
आरआरबी ने आदेश में कहा है कि ऐसे छात्रों की पहचान कर उन्हें रेलवे में नौकरी करने से हमेशा के लिए वंचित किया जा सकता है। यानी ऐसे छात्र लाइफटाइम के लिए रेलवे में कभी भी नौकरी नहीं कर पाएंगे। उन्हें रेलवे बैन कर देगी।
उम्मीदवारों का आरोप है कि आरआरबी एनटीपीसी रिजल्ट में धांधली की गई है। छात्रों का कहना है कि आरआरबी एनटीपीसी भर्ती अधिसूचना के मुताबिक, सीबीटी-1 सिर्फ एक स्क्रीनिंग टेस्ट है। इसके अंक मुख्य परीक्षा में नहीं जोड़े जाएंगे।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने बताया कि भारतीय रेल ने ऑक्सीजन एक्सप्रेस की मदद से सोमवार सुबह तक रिकॉर्ड 10,000 टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की ढुलाई की है।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने रविवार को मीडिया के साथ बातचीत करते हुए कहा कि कोरोना के फैलते संक्रमण के बावजूद ट्रेनों का परिचालन बंद नहीं किया जाएगा। साथ ही शर्मा ने और ट्रेनों के संचालन को लेकर भी जानकारी दी है।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली और आंध्र प्रदेश की सरकारों ने अस्पतालों में चिकित्सीय ऑक्सीजन की भारी कमी के बीच कोविड रोगियों की जान बचाने के लिए भारतीय रेलवे से ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ ट्रेन चलाने का आग्रह किया है।
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच लोगों में ट्रेनों के संचालन को लेकर लगातार बन रही ऊहापोह की स्थिति को साफ कर दिया है।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने गुरुवार को सुनीत शर्मा को रेलवे बोर्ड का नया चेयरमैन और सीईओ के रूप में नियुक्ति को अपनी मंजूरी दी है।
यदि जमीन अधिग्रहण में और देर होती है तब ऐसी स्थिति में रेल मंत्रालय ने गुजरात के वापी तक ही बुलेट ट्रेन को पहले चरण में चलाने की योजना बनाई है।
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