बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर 2024 के जन आंदोलनों में 1400 लोगों की हत्या का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल के मुख्य अभियोजक ने उनके लिए मौत की सजा की मांग की है। हसीना को अपराधों की मास्टरमाइंड बताया गया है। वे कथित तौर पर भारत में शरण लिए हुए हैं।
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना समेत कई अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया है। इससे बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है।
बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वोटर आईडी को ब्लॉक कर दिया है। इससे वह बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले चुनावों में हिस्सा नहीं ले पाएंगी।
हिंसा और विद्रोह के बीच शेख हसीना को पिछले साल 5 अगस्त को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था। शेख हसीना का तख्तापलट होने के बाद बांग्लादेश किस हाल में है। क्या नया बांग्लादेश बन गया है या फिर बनने की राह में अग्रसर है? चलिए इस बारे में जानते हैं।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके 2 अन्य सहयोगियों के खिलाफ मानवता के विरुद्ध अपराध मामले में ट्रायल शुरू हो गया है। इसमें हसीना को छात्र आंदोलन के दौरान कई हत्याओं के लिए आरोपी बनाया गया है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपदस्थ कराने वाले छात्र नेता को एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब एक नये मामले में हसीना समेत 99 लोगों पर ढाका की अदालत ने आरोप तय किए हैं।
बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गोपालगंज में हुए प्रदर्शन में 4 लोगों की मौत हो गई है और सड़कों पर टैंक उतार दिए गए हैं।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को एक और मामले में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। उनके खिलाफ मानवता के विरुद्ध अपराध मामले में आरोप तय कर दिए गए हैं।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने हसीना को 6 महीने जेल की सजा सुनाई है। शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं।
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ लगातार हिंसा जारी है। आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट और संपत्ति पर जबरन कब्जे तक किए गए हैं। अब बांग्लादेश में हिंदू लड़की के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया है। इस घटना के बाद लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलों को मोहम्मद यूनुस ने और बढ़ा दिया है। यूनुस ने एक ऐसी कमेटी का गठन किया है, जो पूर्व के चुनावों में पारदर्शिता की पड़ताल करने निकल गई है।
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने भारत के साथ संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। यूनुस ने कहा है कि उनका देश भारत के साथ बेहतर संबंध बनाना चाहता है।
बांग्लादेश ने नए नोट से पूर्व प्रधानमंत्री और राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर हटा दी है। शेख मुजीबुर रहमान, अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता भी हैं।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर वहां के ट्रिब्यूनल ने छात्रों के आंदोलन को कुचलने समेत कई गंभीर धाराओं में आरोप तय कर दिया है। अब उनके ऊपर उनकी गैर-मौजूदी में ही मुकदमा चलाया जाएगा। ट्रिब्यूनल ने इसके साथ ही उनका गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर दिया है।
बांग्लादेश की सुप्रीम कोर्ट ने एक हास्यास्पद फैसले में अपने ही देश की विरोधी पार्टी जमात-ए-इस्लामी का पंजीकरण बहाल कर दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान इस पर प्रतिबंध लगाया गया था।
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना पर लगे आरोपों के खिलाफ आज देश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (आइसीटी-बीडी) में सुनवाई होगी। हसीना को मौत की सजा सुनाई जा सकती है।
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस का सियासी तौर पर विरोध शुरू हो गया है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यूनुस पर दबाव बढ़ते हुए जल्द चुनाव की मांग की है।
बांग्लादेश में सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ शिक्षकों ने भी यूनुस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने पूरे बांग्लादेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के तेवर नरम पड़ते हुए नजर आ रहे हैं। यूनुस ने कहा है कि देश में कोई भी संवैधानिक संशोधन धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा करेगा।
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