पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर बांग्लादेश ने भारत को लेटर लिखा है और कहा है कि शेख हसीना को बांग्लादेश को सौंप दिया जाए। बता दें कि शेख हसीना को कोर्ट द्वारा फांसी की सजा दी जा चुकी है।
बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर अदालत का फैसला आने के बाद तनाव बढ़ता ही जा रहा है। सैकड़ों प्रदर्शनकारी हसीना के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं और उन्हें फांसी दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
Hindus Protest in Dhaka: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो गए हैं। ढाका में लोग यूनुस सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। इस आर्टिकल में पढ़िए इसके क्या कारण हैं।
शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने कहा कि भारत ने उनकी मां की जान बचाई है। उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की प्रत्यर्पण मांग को गैर-कानूनी बताया। जॉय ने ISI की भूमिका, लश्कर की बढ़ती सक्रियता और यूनुस सरकार की कार्यप्रणालियों पर गंभीर आरोप लगाए।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने जिस अदालत को बनाया था आज देश की उसी अदालत ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई है। जानिए क्या है मानवता विरोधी अपराध, क्या है आईसीटी और अबतक कितने लोगों को दी गई है फांसी?
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई गई है। शेख हसीना को सुनाई गई मौत की सजा पर चीन का रिएक्शन भी सामने आया है। चलिए जानते हैं कि चीन ने क्या कहा है।
बांग्लादेश में यूनुस सरकार के खिलाफ शेख हसीना ने बिगुल फूंक दिया है। ढाका की सड़कों पर जमकर बवाल और हिंसा देखने को मिल रही है। बता दें कि हाल ही में शेख हसीना को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई है। शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने पर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने क्या कहा है चलिए जानते हैं।
बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई है। यह फैसला 2024 के छात्र आंदोलन पर कार्रवाई से जुड़ा है, जिसमें कई लोग मारे गए थे। चलिए ऐसे में भारत के रुख और पूरे घटनाक्रम पर नजर डालते हैं।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को बड़ा झटका लगा है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी-बीडी) ने हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराध का दोषी ठहराया है। शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं।
बांग्लादेश की अपदस्थ पीएम शेख हसीना के खिलाफ कोर्ट आज फैसला सुनाएगा। अभियोजन पक्ष ने हसीना के खिलाफ मौत की सजा की मांग की है। इस बीच पुलिस को ढाका में प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश दिया गया है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर 17 नवंबर को बड़ा फैसला आने वाला है। जुलाई-अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए आंदोलन के दौरान शेख हसीना पर 1400 से अधिक हत्याओं के आरोप में मौत की सजा दिए जाने की मांग की गई है।
बांग्लादेश में राजनीतिक चार्टर को मान्यता देने से पहले मोहम्मद यूनुस अब आंदोलनकारियों की मांग को स्वीकार लिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव वाले दिन ही पर रेफ्रेंडम की बात कही है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर अब मौजूदा यूनुस सरकार उन पर मुकदमा चलाकर मौत की सजा देने की तैयारी में है।
बांग्लादेश चुनाव से पहले क्या पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना घर वापसी करेंगी... इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यह हमारी पार्टी पर लगाए गए बैन को हटाने और स्वस्थ लोकतंत्र की सहभागिता की स्थिति पर निर्भर करेगा।
बांग्लादेश में छात्रों और शिक्षकों ने अब यूनुस सरकार के खिलाफ भी बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। पुलिस को उन्हें काबू में करने के लिए वॉटर कैनन और आंसू गोले दागने पड़े।
ढाका लॉकडाउन का ऐलान अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी-बीडी) के फैसले के बीच हो रहा है, जो हसीना के खिलाफ मानवता के विरुद्ध कथित अपराधों के आरोपों में अनुपस्थिति में सुनवाई के बाद फैसला सुनाने की तारीख घोषित करने वाला है।
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर बड़ा गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यूनुस का प्रशासन पर नियंत्रण नहीं है, इससे आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
बांग्लादेश में 5 अगस्त 2024 का वह दिन अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना शायद कभी नहीं भूल पाएंगी, जब भीड़ ने उन्हें घेर लिया था और उनकी जान खतरे में थी, मगर भारत से गई एक फोन कॉल ने उनकी जान बचा ली।
यूनुस सरकार ने अभी तक बीएनपी के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन आयोग के एक सदस्य ने कहा कि असहमतियां ‘बहुमत की सहमति’ में विलय हो गई हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे ‘संक्रमणकालीन लोकतंत्र की परीक्षा’ बता रहे हैं, जहां सभी पक्षों की भागीदारी जरूरी है।
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