बांग्लादेशी छात्री पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी पार्टी के पीछे पड़ गए हैं। छात्रों के नए राजनीतिक संगठन एनसीपी ने शेख हसीना की आवामी लीग पार्टी पर बैन लगाने की मांग की है। ताकि उनकी पार्टी चुनावों में हिस्सा नहीं ले सके।
बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस ने एक इंटरव्यू में कहा कि शेख हसीना और उनकी पार्टी चाहे तो चुनाव लड़ सकती हैं। यूनुस के बाद अब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने भी इस मामले पर अपना रुख साफ कर दिया है।
बांग्लादेश के छात्रा नेतृत्व वाली नेशनल सिटीजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने कहा कि उनकी पार्टी नहीं चहती है कि शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग चुनाव में हिस्सा ले। इस्लाम ने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखेगी।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्हें मौत की सजा हो सकती है या आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा सकती है। जानिए मुख्य अभियोक्ता ने क्या कहा?
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कार्यवाहक मोहम्मद यूनुस पूर्व पीएम शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर अपनी बेबसी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि भारत से कई बार इस बारे में अपील की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने शेख हसीना के खिलाफ अब नई चाल चल दी है। यूनुस ने हसीना प्रशासन के तहत किए गए अत्याचारों का दस्तावेजीकरण करने वाले रिकॉर्ड के सावधानीपूर्वक संरक्षण की बात कही है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री जिया ने देश में शीघ्र चुनाव कराने का आह्वान किया है। इसके बाद सियासी गलियारे में सतर्कता बढ़ गई है।
बांग्लादेश की सियासत में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं क्योंकि अंतरिम सरकार के सूचना सलाहकार नाहिद इस्लाम ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। नाहिद ने सड़क पर सक्रिय रहने को जरूरी बताया है।
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत में शरण ले रखी है। इस बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार उनके प्रत्यर्पण के प्रयासों में लगी हुई है। सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के कार्यालय ने कहा कि शेख हसीना का भारत से प्रत्यर्पण उनके देश की प्राथमिकता है।
बांग्लादेश में हुई हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। अब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पुलिसकर्मियों की विधवाओं के साथ वर्चुअल संवाद किया है। हसीना ने इस दौरान कहा कि मुहम्मद यूनुस ने देश को आतंकी स्टेट बना दिया है।
बांग्लादेश में बीते छात्र आंदोलन के दौरान जमकर हिंसा हुई थी। हालात इतने भयावह हो गए थे कि शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा था। अब हिंसा के दौरान अत्याचार करने के आरोप में पूर्व अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे का अपहरण कर हत्या की साजिश करने के असफल प्रयास में दोषी अखबार के संपादक को अदालत ने बरी कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में संपादक के खिलाफ सुबूत नहीं होने का हवाला दियाय है।
बांग्लादेश में हुई हिंसक घटनाओं के बाद अब मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा है कि वह तोड़फोड़ और आगजनी को रोकेगी। राजधानी ढाका समेत बांग्लादेश के कई हिस्सों में हसीना के समर्थकों के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने जम्मू में प्रदर्शन करते हुए अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को भारत से बाहर भेजने की मांग की। मनीष साहनी ने कहा कि भारत को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से सीखना चाहिए।
बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसक घटनाएं हुई हैं। राजधानी ढाका समेत बांग्लादेश के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ और आगजनी की है। तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को लेकर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने बड़ा बयान दिया है।
बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान के घर को गिरा दिया गया, जिसकी भारत ने कड़ी निंदा की है। इस घटना को विदेश मंत्रालय ने अफसोसजनक बताया।
बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसा देखने को मिल रही है। ढाका समेत देश के कई इलाकों में प्रदर्शनकारी आवामी लीग से जुड़े नेताओं के घरों पर कहर बनकर टूट रहे हैं। इस बीच शेख हसीना ने प्रदर्शनकारियों को अपने ही अंदाज में जवाब दिया है।
शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश के लोगों को मौजूदा सरकार के खिलाफ संगठित होकर विरोध प्रदर्शन करना चाहिए। हालांकि, भीड़ पहले ही उनके खिलाफ थी और भाषण के दौरान ही उनके पैतृक आवास में आग लगा दी।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के चीफ मोहम्मद यूनुस हिंदुओं को सुरक्षा दे पाने में फेल रहे हैं। लेकिन, इस बीच उन्होंने सरस्वती पूजा के मौके हिंदुओं को बधाई देते हुए बड़ी-बड़ी बातें कही हैं। यूनुस ने कहा क्या है चलिए आपको बताते हैं।
बांग्लादेश में हिंदुओं और दूसरे धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हिंसा की घटनाएं हुई हैं। घटनाओं में आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट और संपत्ति और व्यवसायों पर जबरन कब्जा करना शामिल है।
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