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संरक्षित सेंटेनलीज आदिवासियों से मिलने गए अमेरिकी की अंडमान में हत्या

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 21, 2018 11:16 am IST,  Updated : Nov 21, 2018 05:57 pm IST

सेंटेनलीज आदिवासी समूह बाहरी लोगों के साथ कोई संपर्क नहीं रखता और अपने पास आने वाले लोगों पर तीरों की बौछार कर देता है

An American tourist killed in North Sentinel Island Andaman- India TV Hindi
An American tourist killed in North Sentinel Island Andaman

 

नई दिल्ली। अंडमान निकोबार के उत्तरी सेंटीनल द्वीप पर एक अमेरिकी नागरिक की संरक्षित सेंटेनलीज आदिवासियों ने कथित तौर पर हत्या कर दी है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी जबकि अमेरिकी दूतावास इस व्यक्ति को अभी ‘‘लापता’’ ही मान रहा है। पुलिस ने इस मामले में जानते बूझते की गई हत्या का मामला दर्ज कर करके जॉन एलन चाऊ (27) नाम के नागरिक को द्वीप पर ले जाने वाले मछुआरे को गिरफ्तार कर लिया है। 

अमेरिकी दूतावास के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘‘हमें इस बात की जानकारी है कि एक अमेरिकी नागरिक अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर है। अमेरिका के लिए अपने नागरिकों का कल्याण और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई अमेरिकी नागरिक लापता हो जाता है, तो हम स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर उसे तलाशने की कोशिश करते हैं। निजता को ध्यान में रखकर हम इस बारे में और आगे टिप्पणी नहीं करेंगे।’’ 

पोर्ट ब्लेयर से प्रकाशित एक समाचार के अुनुसार चाऊ इससे पहले पांच बार अंडमान निकोबार द्वीप समूह जा चुका है। उसने सेंटेनलीज आदिवासियों से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। यह आदिवासी समूह बाहरी लोगों के साथ कोई संपर्क नहीं रखता और अपने पास आने वाले लोगों पर तीरों की बौछार कर देता है। रिपोर्ट के अनुसार चाऊ ने चिडियाटापू से एक डोंगी किराए पर ली और 16 नवम्बर को इस द्वीप के निकट पहुंच गया। फिर उसने आगे की यात्रा अपनी डोंगी में की। वह इससे पहले 14 नवम्बर को इसी तरह की एक नाकाम कोशिश कर चुका था। 

सूत्रों ने बताया कि मछुआरों ने उसके शव को देखा है पर उसे लाया नहीं जा सका। हाल तक उत्तरी सेंटीनल द्वीप पर बाहरी लोगों का जाना मना था। इस साल एक बड़ा कदम उठाते हुये सरकार ने संघ शासित इलाकों में इस द्वीप सहित 28 अन्य द्वीपों को 31 दिसम्बर, 2022 तक प्रतिबंधित क्षेत्र आज्ञापत्र (आरएपी) की सूची से बाहर कर दिया था। आरएपी को हटाने का आशय यह हुआ कि विदेशी लोग सरकार की अनुमति के बिना इन द्वीपों पर जा सकेंगे। 

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