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चीन से जारी विवाद के बीच भारत ने म्यांमार के साथ किया महत्वपूर्ण समझौता

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 05, 2020 05:03 pm IST,  Updated : Oct 05, 2020 05:03 pm IST

तटीय शिपिंग समझौते से भारतीय जहाज बंगाल की खाड़ी में सितावे बंदरगाह और कलादान नदी के बहुआयामी लिंक के माध्यम से मिजोरम तक पहुंच सकेंगे। 

India signs important agreement with myanmar amid tension with china । चीन से जारी विवाद के बीच भारत- India TV Hindi
चीन से जारी विवाद के बीच भारत ने म्यांमार के साथ किया महत्वपूर्ण समझौता Image Source : TWITTER/IANS

नई दिल्ली/नैप्यीदा. लद्दाख में LAC पर चीन के साथ लंबे समय से तनाव जारी है। लद्दाख में चीन की हरकत की वजह से दोनों देशों के रिश्तों में दरार आई है। चीन के साथ जारी विवाद के बीच भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल एमएम नरवने और विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने सोमवार को म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की के साथ बैठक की। इस बैठक में सेना प्रमुख और विदेश सचिव ने म्यांमार के साथ भारत के तटीय जहाजरानी (शिपिंग) समझौते को अंतिम रूप दिया। कहा जा रहा है कि यह समझौता लद्दाख में चीन से चल रही तनातनी के बीच भारत और म्यांमार के सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा।

सेना प्रमुख नरवने और विदेश सचिव हर्षवर्धन ने म्यांमार की मुखिया आंग सान सू की से मुलाकात के दौरान राजदूत सौरभ कुमार भी मौजूद थे। इस दौरान दोनों देशों के बीच अहम द्विपक्षीय मसलों पर चर्चा की गई। सूत्रों ने कहा कि म्यांमार के आम चुनाव से पहले हुई इस बैठक का उद्देश्य कलादान मल्टी-मोडल परियोजना के शुभारंभ के लिए तटीय शिपिंग समझौते को अंतिम रूप देना और चीन समर्थित विद्रोही समूहों के खिलाफ सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करना है। म्यांमार में आठ नवंबर को चुनाव होंगे।

तटीय शिपिंग समझौते से भारतीय जहाज बंगाल की खाड़ी में सितावे बंदरगाह और कलादान नदी के बहुआयामी लिंक के माध्यम से मिजोरम तक पहुंच सकेंगे। सूत्रों ने कहा कि वाजपेयी सरकार द्वारा परिकल्पित यह परियोजना पिछले 20 वर्षों से लंबित रही है। सूत्रों ने कहा कि दोनों देशों ने मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में भारत-म्यांमार सीमा को चीन समर्थित भारतीय विद्रोहियों और मादक पदार्थों के तस्करों को रोकने के लिए सुरक्षा संबंधी मुद्दों और पहलों पर भी चर्चा की।

परेश बरुआ की अगुवाई वाला उल्फा चीन के युन्नान प्रांत में स्थित है। सूत्रों ने कहा कि शीर्ष अधिकारियों ने बांग्लादेश और म्यांमार में रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी और पुनर्वास पर भी चर्चा की। अपने पड़ोसी देश की कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में मदद करने के लिए सेना प्रमुख और विदेश सचिव ने आंग सान सू को रेमडेसिवीर दवा की 3000 से अधिक शीशियां सौंपीं। (With inputs from IANS)

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