Saturday, January 24, 2026
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प्रद्युम्न मर्डर केस: कोर्ट ने आरोपी किशोर छात्र की जमानत याचिका खारिज की

गुड़गांव के रेयान इंटरनैशनल स्कूल के 7 वर्षीय छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या के मामले में आरोपी 16 वर्षीय छात्र की जमानत याचिका को सोमवार को गुड़गाव में एक सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया...

Reported by: Bhasha
Published : Jan 08, 2018 02:20 pm IST, Updated : Jan 08, 2018 02:20 pm IST
Pradyuman Murder Accused | PTI Photo- India TV Hindi
Pradyuman Murder Accused | PTI Photo

गुड़गांव: गुड़गांव के रेयान इंटरनैशनल स्कूल के 7 वर्षीय छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या के मामले में आरोपी 16 वर्षीय छात्र की जमानत याचिका को सोमवार को गुड़गाव में एक सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जसबीर सिंह कुंडू ने अभी हिरासत में चल रहे आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले अदालत ने आरोपी, CBI और शिकायतकर्ता के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बचाव पक्ष के वकील ने दावा किया कि इस मामले में एक महीने के अंदर आरोप पत्र दायर नहीं किया गया जैसा कि किशोर न्याय अधिनियम में निर्धारित है और उसे जरूरी दस्तावेज भी नहीं दिए गए।

इसका विरोध करते हुए CBI ने कहा कि किशोर न्याय बोर्ड (JJB) ने आरोपी को वयस्क घोषित किया है ऐसे में CRPC के प्रावधानों में आरोप पत्र दायर करने के लिए 90 दिन का समय होता है। पिछले साल 8 सितंबर को स्कूल के शौचालय में प्रद्युम्न का गला रेता हुआ शव मिला था। गुड़गांव पुलिस ने दावा किया था कि इस अपराध को स्कूल बस के कंडक्टर ने अंजाम दिया है जिसे बाद में CBI ने खारिज कर दिया था। जांच एजेंसी ने दावा किया कि किशोर ने पैरेंट-टीचर मीटिंग और परीक्षा टालने के लिए स्कूल बंद करवाने के उद्देश्य से प्रद्युम्न को मारा था। आरोपी को JJB द्वारा जमानत नहीं दिए जाने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर अदालत सुनवाई कर रही थी।

JJB ने 20 दिसंबर को कहा था कि किशोर के साथ एक वयस्क की तरह सुनवाई की जाए और उसे गुड़गांव सत्र अदालत के समक्ष पेश किए जाने का निर्देश दिया था। JJB ने कहा था कि आरोपी इतना परिपक्व है कि उसे अपने कृत्यों का परिणाम का पता हो। बोर्ड ने कहा कि अगर आरोपी दोषी पाया जाता है तो आरोपी 21 वर्ष का होने तक सुधार गृह में रहेगा जिसके बाद अदालत उसे जेल भेज सकती है या उसे जमानत दे सकती है। इससे पहले बोर्ड ने रेयान इंटरनेशनल स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।

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